लुधियाना: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधा। लुधियाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे की स्थिति बेहद खराब है। वह चिट्टा यानी नशीले पदार्थों से परेशान लोगों से मिले हैं। इन परिवारों की पीड़ा सुनकर उन्हें काफी दुख हुआ। शाह ने कहा कि 2029 तक पंजाब को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य है और नशे के कारोबार में शामिल लोगों को पाताल से भी ढूंढकर निकाला जाएगा।
नशे के खिलाफ लड़ने वालों के परिवारों से मिले अमित शाह
अमित शाह ने बताया कि वह पंजाब के गुरदासपुर, संगरूर और मानसा गए थे। यहां उन्होंने नशे के खिलाफ संघर्ष करने वाले तीन लोगों के परिवारों से मुलाकात की। शाह के मुताबिक, गुरदासपुर के 40 वर्षीय विक्रमजीत सिंह, संगरूर के गुलजार सिंह और मानसा के परविंदर सिंह झोटा की नशे के खिलाफ लड़ाई के चलते या तो हत्या हुई या उन्हें आत्महत्या करनी पड़ी।
गृह मंत्री ने कहा कि वह पिछले 30 वर्षों से विधानसभा और लोकसभा में चुनकर आते रहे हैं। इस दौरान कई हादसों से प्रभावित परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी है, लेकिन इन तीनों परिवारों से मुलाकात के बाद उन्होंने खुद को इतना दुखी पहले कभी महसूस नहीं किया।
उन्होंने बताया कि परिवारों से मिलने के दौरान चिट्टे के कारोबार से परेशान लोग भी मौजूद थे। इन लोगों ने पंजाब में नशे की स्थिति के बारे में जो बातें बताईं, वे दिल्ली में सरकारी रिपोर्टों में पढ़ी गई जानकारी से कहीं ज्यादा झकझोरने वाली थीं।
AAP सरकार से पूछा, नशा खत्म करने का वादा कहां गया?
अमित शाह ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी ने अपना बेटा खोया है, किसी ने भाई तो किसी ने पति। इन परिवारों के नुकसान का सरकार के पास क्या जवाब है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से बहाने बनाए जा रहे हैं, जबकि नशे का कारोबार लगातार बढ़ रहा है।
शाह ने कहा कि जब वह पहले पंजाब आए थे, तब उन्होंने नशामुक्त पंजाब की रैली को संबोधित किया था और नशे के कारोबार को समाप्त करने की अपील की थी। उनके मुताबिक, उस समय उन पर आरोप लगाए गए और अब दुखी लोगों को सांत्वना देने पहुंचने पर भी उनके खिलाफ अपशब्द कहे गए।
उन्होंने कहा कि उन्हें अपशब्द कहने से कुछ नहीं होगा, बल्कि नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए कदम उठाने होंगे।
नशे की पुड़िया पंजाब के युवाओं तक कैसे पहुंच रही है?
गृह मंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने तीन महीने में नशे का कारोबार खत्म करने का वादा करके पंजाब में सरकार बनाई थी, लेकिन पांच साल बीतने के बाद भी यह कारोबार बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि नशे के मामलों में पुलिसकर्मी भी पकड़े जाते हैं और उनके पास से 10 से 12 किलोग्राम तक हेरोइन बरामद होती है।
शाह ने कहा कि नशे के कारोबार का विरोध करने वालों को या तो अपनी जान गंवानी पड़ती है या आत्महत्या करनी पड़ती है। उन्होंने पंजाब सरकार से सवाल किया कि नशीले पदार्थ छोटे-छोटे पैकेटों में बदलकर राज्य के युवाओं तक कैसे पहुंच रहे हैं।
गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों से 20 हजार करोड़ की ड्रग्स जब्त
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों पर नशीले पदार्थों की जब्ती का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इन बंदरगाहों से अब तक 20 हजार करोड़ रुपये की कीमत के नशीले पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं।
शाह ने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार गुजरात के बंदरगाहों के जरिए नशीले पदार्थ आने का आरोप लगाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नशीले पदार्थों को छोटे-छोटे पैकेटों में बांटा जाता है, तो वे पंजाब के युवाओं तक कैसे पहुंच जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक संरक्षण के बिना इस तरह नशीले पदार्थों का युवाओं तक पहुंचना संभव नहीं है। अमित शाह ने दोहराया कि पंजाब को 2029 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों को ढूंढकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।