Parliament Session: संसद के शीतकालीन सत्र में इंडी गठबंधन में दो फाड़ नजर आ रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में हुई विपक्षी दलों की बैठक से तृणमूल कांग्रेस ने किनारा कर लिया। टीएमसी ने दो टूक कहा कि कांग्रेस चाहती है कि सदन में सिर्फ अडानी मुद्दे को उठाया जाए जबकि देश के विकास के लिए सभी मुद्दों को उठाना जरूरी है। वह अडानी मुद्दे पर हंगामा करके सदन की कार्यवाही में व्यवधान पैदा करने में कांग्रेस के साथ नहीं है।
कांग्रेस मांग कर रही है कि अडानी ग्रीन के निदेशकों के खिलाफ अमेरिकी न्याय विभाग के अभियोग पर चर्चा के लिए सदन में सभी कामकाज स्थगित कर दिए जाएं। आज सुबह भी कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने अडानी मुद्दे पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया।
हालांकि, कांग्रेस समेत कई दलों के सांसदों ने चक्रवात फेंगल से हुए नुकसान, उत्तर प्रदेश के संभल में मस्जिद के सर्वेक्षण को लेकर हुई हिंसा, बांग्लादेश में इस्कॉन के साधुओं को निशाना बनाए जाने और पंजाब में धान की खरीद में देरी जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा की मांग की है।
इससे पहले तृणमूल महासचिव और पार्टी के नंबर दो नेता अभिषेक बनर्जी ने साफ कर दिया था कि तृणमूल शीतकालीन सत्र के दौरान बंगाल के मुद्दों को प्राथमिकता देगी। बनर्जी ने कहा, हमारा रुख बिल्कुल साफ है। हम पहले बंगाल के मुद्दों को प्राथमिकता देंगे। केंद्र ने बंगाल का बकाया रोक दिया है। हम इन मुद्दों पर संसद में चर्चा चाहते हैं। कांग्रेस से जाकर पूछिए। मैंने कहा है कि हम बंगाल के मुद्दों को प्राथमिकता देंगे। उनका क्या रुख है?
20 दिसंबर तक चलेगी कार्यवाही
बता दें कि, संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही को मंगलवार 3 नवंबर तक स्थगित कर दिया है। शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर तक चलेगा लेकिन अभी तक किसी भी मुद्दे पर प्रभावी सुनवाई नहीं हो सकी है। अडानी मुद्दे पर हंगामे के बाद बार-बार सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया जाता है।
Read Also: Delhi: आम आदमी पार्टी में शामिल हुए अवध ओझा, बोले- शिक्षा क्रांति से हुआ प्रभावित