Waqf Amendment Bill: संसद में आज अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू वक्फ एक्ट 1995 में संशोधन के लिए वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पेश कर दिया है। कांग्रेस और सपा समेत विपक्ष के सांसदों ने इस बिल का पुरजोर विरोध करते हुए इसे संविधान के खिलाफ बताया। सपा सांसद मोहिबुल्ला ने कहा है कि ये हमारे धर्म में दखलअंदाजी है। बीजेपी अल्पसंख्यकों में डर पैदा कर रही है। सत्ता पक्ष जानबूझकर अल्पसंख्यकों की संपत्ति को निशाना बना रहा है।
सत्ता पक्ष की ओर से अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजीजू ने विस्तार से बताया कि क्यों इस विधेयक को लाने की जरूरत पड़ी। अल्पसंख्यक मंत्री ने कहा कि, सबसे पहले तो मैं इनका नोटिस क्यों स्टे नहीं करते हैं, जो भी प्वाइंट उन्हें ऑब्जेक्ट किया, उसे क्यों एडमिट नहीं करना चाहिए वो संक्षेप में बताना चाहता हूं। वहीं, इस विधेयक के पक्ष में एनडीए के सहयोगी जेडीयू और टीडीपी खुलकर सामने आए।
रिजिजू ने कहा कि इस बिल में जो भी प्रावधान हैं, आर्टिकल 25 से लेकर 30 तक, किसी में भी धार्मिक बॉडी में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है। ना ही संविधान के किसी भी अनुच्छेद का इसमें उल्लंघन किया गया है। इसमें हमने जो बदलाव किए हैं किसी का हक छीनना तो छोड़ दीजिए, जिनको हक नहीं मिला है उनको देने के लिए यह बिल लाया गया है।
इसमें महिलाओं के लिए, बच्चों के लिए, मुस्लिम समुदाय में जो पिछड़े हैं उनके लिए, जिसको आजतक कभी मौका नहीं मिला उनको जगह देने के लिए यह बिल लाया गया है। मैं बारी-बारी से कहना चाहता हूं कि यह वक्फ संशोधन विधेयक पहली बार सदन में पेश नहीं किया जा रहा है। अंग्रेजों के जमाने से लेकर, आजादी के बाद सबसे पहले ये एक्ट लाया गया है। साल 1954 में, उसके बाद कई कई संशोधन हुए हैं।
यह अमेंडमेंट हम लाने जा रहे हैं सदन में, वो वक्फ एक्ट 1995 जिसको 2013 में अमेंडमेंट लाकर करके, इस पूरे वक्फ के परपज और इंटेशन और जिसमें लोगों को उम्मीद थी कि कुछ बेहतर होगा उसे उलटा करके 2013 में ऐसा प्रावधान डाला गया जिसकी वजह से आज हम अमेंडमेंट लाए हैं। विपक्ष के लोग अपनी आदत से मजबूर इसे गलत बता रहे हैं।