Parliament Session: भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट के ओलंपिक से बाहर होने के बाद विपक्ष ने राज्यसभा में जोरदार हंगामा किया। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाने की कोशिश की लेकिन सभापति जगदीप धनखड़ ने इसकी अनुमति नहीं दी है। इसके बाद टीएमसी सांसद डेरेक ओब्रायन ने मुद्दे को लेकर बात करनी चाही तो सभापति जगदीप धनखड़ ने उन्हें चेतावनी दी। सभापति ने कहा कि अगर उन्होंने यही हरकत दोहराई, तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
आगे सभापति ने कहा, पूरा देश विनेश फोगाट के लिए दुखी है, हर कोई दुखी है। इसका राजनीतिकरण मत करो। यह मुद्दा पूरे देश को दुखी करने वाला है और हमें एकजुट होकर विनेश के साथ खड़ा होना है। हमें इस पर कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करनी है। हम विनेश को सब कुछ देंगे जो पदक विजेता को मिलना चाहिए। हम उसे पूरी सहायता देंगे लेकिन, विपक्ष से आग्रह है कि इसका राजनीतिकरण मत करो। इसको लेकर कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
विपक्ष के वॉकआउट के बाद सभापति धनखड़ नाराज हो गए और उन्होंने कहा, ‘माननीय सदस्यगण, इस पवित्र सदन को अराजकता का केंद्र बनाना, भारतीय प्रजातंत्र के ऊपर कुठाराघात करना, अध्यक्ष की गरिमा को धूमिल करना, शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण माहौल पैदा करना, ये अमर्यादित आचरण नहीं है, बल्कि ये हर सीमा को लांघित करने वाला आचरण है। यह हम सभी के लिए चिंतन और चिंता का विषय है।
उन्होंने आगे कहा, ‘ये सदन इस समय देश की रूलिंग के पार्टी के अध्यक्ष को यहां देख रही है। ये सदन इस समय प्रतिपक्ष दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष की भी उपस्थिति देख रही है। कांग्रेस की वरिष्ठतम नेता भी इस सदन की सदस्य हैं, जो मैं हाल के दिनों में देख रहा हूं और जिस तरह से चुनौती शब्दों से, पत्र के माध्यम से, अखबार के माध्यम द्वारा… कितनी गलत टिप्पणी की है मैंने देखा है। मेरे को यह चुनौती नहीं दी जा रही है, यह चुनौती सभापति के पद को दी जा रही है। ये चुनौती इसलिए दी जा रही है कि जो व्यक्ति इस पद पर बैठा है वो इसके लायक नहीं है, ऐसा ये लोग सोचते हैं।