बीजेपी इसी सप्ताह वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी कर चुकी है। जिसको लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी को घेरा है और कहा कि बीजेपी मुश्लिम भाइयों का अधिकार छीनना चाहती है। समाजवादी पार्टी विपक्षी पार्टियों के साथ मिलकर इसका जोरदार विरोध करेगी और बीजेपी के मंसूबों को पूरा नहीं होने देगी।
बीजेपी ने वक्फ बोर्ड को नियंत्रित करने के लिए साल 1995 के कानून में संशोधन के लिए संसद में विधेयक लाने की पूरी तैयारी कर ली है। सरकार का मानना है कि यह संशोधन वक्फ के कामकाम में पारदर्शिता और अधिक जिम्मेदारी लाने के लिए किया जा रहा है। साथ ही इससे इन निकायों में महिलाओं की भी भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।
इस संशोधन के तहत वक्फ बोर्ड को उनकी प्रॉपर्टी जिला कलेक्टर से रजिस्टर करवानी होगी, ताकि उसकी वास्तविक मूल्य तय किया जा सके। अखिलेश यादव ने कहा कि हम इस संशोधन के विरोध में हैं। आगे उन्होंने कहा कि बीजेपी का काम सिर्फ हिंदू और मुसलमानों का बांटना है। वह सिर्फ मुस्लिम भाइयों के अधिकार छीनना चाहती है। यही वजह है कि बीजेपी इस पर काम भी कर रही है कि कैसे मुसलमानों को संविधान से दिए गए अधिकारों को छीन लिया जाए।
सपा मुखिया ने पार्टी के दिवंगत सांसद जनेश्वर मिश्रा की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में ये बातें कही। अखिलेश ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि पहले मोदी सरकार ने एंग्लो-इंडियन के अधिकार छीने। एंग्लो-इंडियन के लिए पहले लोकसभा और विधानसभा में एक-एक सीट सुरक्षित रहती थी। लेकिन मोदी सरकार ने फर्जी जनगणना के सहारे एंग्लो इंडियन के लिए आरक्षित इन सीटों को भी छीन लिया।
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नजूल पर सीएम योगी को घेरा
इसके अलावा समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने सीएम योगी आदित्यनाथ को भी नजूल प्रॉपर्टी बिल को लेकर घेरा। उन्होंने कहा कि देखिए हमारे मुख्यमंत्री कितने समझदार हैं। उन्हें लगा कि नजूल उर्दू शब्द है जबकि, अफसरों ने नजूल के बारे उन्हें समझाया भी। लेकिन उन्होंने कहा कि नहीं नजूल का मतलब मुसलमानों की जमीन होती है। सोचो ये सिर्फ एक उर्दू शब्द नजूल के कारण पूरे प्रयागराज और गोरखपुर को खाली करवा रहे हैं। गोरखपुर में तो इनका और इनके कुछ साथियों का व्यक्तिगत इंटरेस्ट भी है। नजूल विधेयक को राज्य सरकार ने ऊपरी सदन में पेश किया था। जहां बीजेपी के कुछ नेताओं के विरोध के बाद यह पास नहीं हो सका।
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