उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की खेल नीति और खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश के लिए मेडल जीतने वाले उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को सरकार की ओर से पुरस्कार के साथ सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। सीएम योगी ने ओलंपिक से लेकर कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों तक खिलाड़ियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का पूरा आंकड़ा भी बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने युवाओं से खेल नीति का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि जो युवा या छात्र खेलों में अपना समय देकर देश के लिए मेडल हासिल करेगा, उसे सरकार की ओर से सीधे नौकरी देने का प्रावधान है।
ओलंपिक मेडल पर इतनी रकम
सीएम योगी ने बताया कि ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 6 करोड़ रुपये दिए जाते हैं। वहीं सिल्वर मेडल जीतने वाले खिलाड़ी को 4 करोड़ रुपये और ब्रॉन्ज मेडल हासिल करने वाले खिलाड़ी को 2 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन राशि दी जाती है। ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ी को 10 लाख रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की जानकारी सीएम योगी ने दी।
कॉमनवेल्थ में यूपी के खिलाड़ियों का प्रदर्शन
सीएम योगी ने हाल के कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के नौ खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। इनमें से तीन खिलाड़ियों ने देश के लिए मेडल हासिल किए। यूपी से जुड़े खिलाड़ियों ने एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में युवाओं की भागीदारी बढ़ने से उन्हें सकारात्मक दिशा मिलेगी। उनके मुताबिक, युवा जितना अधिक खेल और खेलकूद की गतिविधियों से जुड़ेगा, उतना ही नशे से दूर रहेगा।
ड्रग और स्मार्टफोन के नशे पर चिंता
सीएम योगी ने युवाओं को नशे के बढ़ते प्रभाव से बचाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी दो तरह के नशे से प्रभावित हो रही है। एक ड्रग और दूसरे नशीले पदार्थों का नशा है, जबकि दूसरा स्मार्टफोन का नशा है।
उन्होंने कहा कि नशा माफिया युवाओं को अपने जाल में फंसाकर देश को कमजोर करना चाहता है। साथ ही उन्होंने स्मार्टफोन पर युवाओं के ज्यादा समय बिताने को लेकर भी चिंता जताई। सीएम योगी के मुताबिक, स्मार्टफोन पर बिताए जाने वाले समय का बड़ा हिस्सा गैरजरूरी गतिविधियों में चला जाता है।
माफिया प्रवृत्ति को बताया युवा शक्ति का दुश्मन
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में माफिया प्रवृत्ति को युवा शक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन बताया। उन्होंने शिक्षा, खेल, ड्रग और पेशेवर अपराध से जुड़े माफियाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी प्रवृत्तियां बढ़ने से युवाओं को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है। सीएम योगी ने कहा कि युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ खेल और खेल संस्कृति से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की ओर से खेलों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी माफिया ने युवा के जीवन के साथ खिलवाड़ किया तो उसकी पूरी संपत्ति जब्त करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।