Haryana: सीएम सिटी कहें या स्मार्ट सिटी…करनाल के कायाकल्प में मनोहर लाल का रहा है अभूतपूर्व योगदान

संतोष कुमार सिंह

करनाल: 23 जून 2017 को केंद्र सरकार ने करनाल को स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल किया। इस लिहाज से करनाल देश के उन 30 शहरों में शामिल हो गया ​जो स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल किये गये थे और करनाल का नंबर 12 वां था। निश्चित तौर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में हरियाणा को सजाने संवारने का प्रयास तो मनोहर लाल ने किया ही लेकिन साथ ही उन्होंने पूरी  तवज्जो सीएम सिटी करनाल को दिया। तभी तो लगभग 10 साल से थोड़े ही कम दिन शाषण के बाद जब उन्होंने त्यागपत्र दिया तो नये मुख्यमंत्री के रूप नायब सिंह सैनी का चयन हुआ है और वे भी करनाल से ही विधान सभा चुनाव लड़ रहे हैं और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल करनाल से लोकसभा चुनाव।

यानी सीएम सिटी के रूप में करनाल की न सिर्फ पहचान बनी रही बल्कि आगे भी बनी रहेगी और स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करनाल के चहुमुखी विकास का जो काम मनोहर लाल के समय चल रहा था वो वर्तमान मुख्यमंत्री सैनी के शाषण काल में भी बना रहेगा। यही कारण है कि जब पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करनाल की धरती पर पहुंचे हैं वो वहां की जनता ने पूरे उत्साह के साथ न सिर्फ इनका स्वागत किया है बल्कि मनोहर लाल को सांसद और नायब सिंह सैनी को भारी मतों से विधायक बनाने का संकल्प उनकी आंखों में साफ दिख रहा है। यानी करनाल के विकास का रथ का पहिया इन दोनों कर्णधारों के प्रयासों से आगे भी पूरी रफ्तार से दौड़ता रहेगा।

आज सीएम सिटी और स्मार्ट सिटी कहे जाने वाले करनाल में जब पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल पहुंचे तो उन्होंने खुले मन से अपने इस्तीफे के साथ  आलाकमान से उनकी हुई बातचीत जनता के समझ साझा की और कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री जी और केंद्रीय ​नेतृत्व को कहा था कि  सीएम सिटी करनाल सीएम सिटी ही रहनी चाहिए, इसलिए करनाल विधानसभा से ही उपचुनाव का टिकट नायब सैनी को दिलाया गया है। लोकसभा चुनाव के लिए टिकट हाईकमान ने मुझे दिया है। करनाल की पहचान सीएम सिटी के नाम से ही रहेगी। करनाल की जनता ने दो बार विधानसभा चुनाव में अकूत प्यार और आशीर्वाद दिया है। मैं तीसरी बार लोकसभा चुनाव में आपके आशीर्वाद और प्यार के लिए फिर आया हूं।

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लेकिन इस पड़ाव पर ठहरकर यह देखा जाना जरूरी है कि आखिर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत करनाल को क्या मिला? आप पायेंगे कि मनोहर लाल ने स्व के प्रयासों से तो करनाल का कायाकल्प तो किया ही साथ ही स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत भी करनाल को समय-समय पर सौगातें दी। भारत सरकार की ओर से करनाल को 200 करोड़ रूपये की राशि तुरंत जारी कर दी गई और करनाल स्मार्ट सिटी घोषित होते ही करनाल को स्मार्ट बनाने के लिए केन्द्र और राज्य सरकार के अनुदानों के अलावा अन्य संसाधनों से भी वित्तीय सहायता मिलेगी और इस प्रकार करनाल के विकास में करीब 1295.81 करोड़ रूपये का खर्चा किये जाने का प्रावधान हुआ।  इस राषि से करनाल में विकास के लिए तमाम जरूरी सुविधाएं और संसाधन आसानी से उपलब्ध कराये जाने और व्यवस्था हुई ​ताकि करनाल का कायाकल्प हो और क्षेत्र की सूरत बदले।

तब से लेकर अब तक करनाल में करोड़ों की राशि खर्च की गई है और समय-समय पर मुख्यमंत्री इस बाबत प्रयास करते दिखे। यहां तक की फरवरी माह में बजट पेश करने के बाद मनोहर लाल करनाल पहुंचे थे और उन्होंने यहां छह परियोजनाएं करनाल के लोगों को सौंपी जिसकी लागत लगभग  990 करोड़ रुपए थी जिसमें  मेडिकल से जुड़े कई प्रोजेक्ट भी शामिल थे।

इतना ही नहीं मनोहर लाल ने इस बात का पूरा ध्यान रखा कि जो भी काम हो वो पा​रदर्शिता के साथ हो। यहां तक की विधानसभा में जब इस बाबत विपक्ष ने सवाल उठाया तो मनोहर लाल ने कहा कि करनाल स्मार्ट सिटी के तहत पारदर्शिता के साथ विकास कार्य किए जा रहे हैं। किसी भी प्रकार का कोई भ्रष्टाचार नहीं है। किसी कार्य को लेकर यदि किसी विधायक द्वारा कोई शिकायत दी जाती है तो निश्चित तौर पर सरकार जांच करवाएगी। जो दोषी पाया जाएगा। उस पर कार्रवाई की जाएगी

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