Sandeshkhali Case PM Modi: संदेशखाली मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को बड़ा झटका दिया है। सर्वोच्च अदालत ने मामले पर तुरंत सुनवाई से इंकार कर दिया है। बंगाल सरकार ईडी टीम पर हमले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रही है। बंगाल सरकार का कहना है कि मामले की जांच एसआईटी कर रही है। प्रदेश पुलिस पर निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं।
इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ममता सरकार को झटका दे चुका है। हाईकोर्ट का कहना था कि बंगाल पुलिस का रवैया पक्षपातपूर्ण है और पुलिस पर निष्पक्ष जांच के लिए भरोसा नहीं है। इसलिए शेख शाहजहां का केस सीबीआई को दिया जाता है और शेख को सीबीआई क्स्टडी में सौंप दिया जाए। मंगलवार को शेख की कस्टडी के लिए पहुंची सीबीआई को बैरंग लौटना पड़ा था।
55 दिनों बाद गिरफ्तार हुए शेख
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना ने बंगाल सरकार से कहा कि हम आपकी एप्लिकेशन मुख्य न्यायाधीश (CJI) को भेज रहे हैं और वे ही याचिका की लिस्टिंग पर फैसला लेंगे। बंगाल सरकार ने कहा कि (CBI) चाहती है कि कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का तुरंत पालन किया जाए।
पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में 5 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम टीएमसी (TMC) नेता शेख शाहजहां के घर छापेमारी करने पहुंची थी। इस दौरान शेख के समर्थकों ने टीम पर जानलेवा हमला कर दिया था। इसमें कई अधिकारी घायल हुए थे। इसके बाद से फरार टीएमसी नेती की 55 दिनों बाद गिरफ्तारी हुई थी।
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बता दें कि, कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी 5 मार्च को शाहजहां शेख की कस्टडी (CBI) को नहीं मिली थी। केंद्रीय जांच एजेंसी बंगाल पुलिस हेडक्वार्टर से 2 घंटे तक इंतजार करने के बाद खाली हाथ लौट आई। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को शाम 4.30 बजे तक शेख को (CBI) को सौंपने का आदेश दिया था। शाम 4:40 बजे (CB) की टीम उसे लेने के लिए भवानी भवन पुलिस हेडक्वार्टर पहुंची।
पीएम से मिलेगी पीड़ित महिलाएं
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बंगाल दौरे पर हैं, वह बारासात में रैली करेंगे। बारासात की संदेशखाली से दूरी करीब 85 किलोमीटर है। संदेशखाली से पीड़ित महिलाएं नावों और बसों के जरिए प्रधानमंत्री की रैली में जा रही हैं। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री इन महिलाओं से मिलेंगे और उनकी शिकायतें सुनेंगे।