West Bengal PM Modi: पूरे देश में संदेशखाली महिला यौन उत्पीड़न को लेकर हंगामा मचा हुआ है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संदेशखाली को लेकर बंगाल की ममता सरकार को जमकर घेरा। बुधवार को बारासात में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि टीएम सरकार महिला विरोधी है। यह बांग्ला की माता और बहनों को सुरक्षा प्रदान करने में पूरी तरह विफल हुई है।
टीएमसी सरकार के माफिया आदिवासी महिलाओं के साथ अत्याचार करते हैं। ममता सरकार को इन गुंडों पर विश्वास है लेकिन महिलाओं पर कोई भरोसा नहीं है। संदेशखाली में जो हुआ उससे पूर देश शर्मशार है। हैरत की बात यह है कि ममता माफिया को बचाने की कोशिश कर रही है। ममता सरकार हाईकोर्ट के आदेश को भी नहीं मान रही है।
उन्होंने आगे कहा कि, विपक्ष वाले जानना चाहते हैं कि कहां है मेरा परिवार। इन घोर परिवारवादियों को जरा यहां आकर नजर डालनी चाहिए। यही तो है मोदी का परिवार। मोदी का हर पल इसी परिवार और देश की मातृशक्ति के लिए समर्पित है। जब मोदी को कोई भी कष्ट होता है तो यही माताएं-बहनें रक्षा कवच बनकर खड़ी हो जाती हैं।
कोलकाता का 31 किमी विस्तार किया- पीएम मोदी
आज हर देशवासी खुद को मोदी का परिवार कह रहा है। आज देश का हर गरीब, हर किसान, हर नौजवान, हर बहन-बेटी कह रहे हैं मैं हूं मोदी का परिवार। पीएम मोदी ने कहा कि कोलकाता तो वह शहर है, जिसकी मेट्रो को देखकर कितनी ही पीढ़ियां बड़ी हुई हैं। जब यहां मेट्रो की शुरुआत हुई, शुरुआती 40 साल में कोलकाता मेट्रो का सिर्फ 28 किलोमीटर का कॉरिडोर बना था। जबकि, बीजेपी सरकार के बीते 10 सालों में कोलकाता मेट्रो का 31 किलोमीटर विस्तार हो चुका है।
बंगाल लागू नहीं होती योजनाएं- पीएम मोदी
एक बार फिर उन्होंने बंगाल सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि टीएमसी सरकार ने कभी बेटी बचाओ-बेटी बढ़ाओ लागू नहीं होने दिया। उज्ज्वला योजना, सस्ते सिलेंडर की योजना भी नहीं लागू हुई। 14 लाख से ज्यादा एप्लीकेशन यहां की सरकार के पास पेंडिंग पड़ी हैं।बीजेपी सरकार बहन-बेटियों की छोटी-छोटी समस्याओं को दूर करने में जुटी हुई है। हमने अभियान चलाएं, योजनाएं बनाईं।
सस्ते सेनेटरी पैड बनाने की योजना लाए। हमने मुफ्त टीकाकरण और गर्भवती को 5 हजार रुपए की मदद देने की योजना बनाई। आशा और आंगनवाली कार्यकर्ताओं को 5 लाख की बीमा योजना का फैसला लिया। हर जगह बेटियों के लिए टॉयलट का निर्माण किया। गरीबों को जो घर दिए जा रहे हैं, रजिस्ट्री महिलाओं के नाम होती है।