Himachal Congress Crisis: हिमाचल कांग्रेस में अभी भी रस्साकशी जारी है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू खुद को योद्धा बताते हुए पांच साल का कार्यकाल पूरा करने का दावा ठोक रहे हैं। बुधवार की हलचल के बाद गुरुवार को कांग्रेस ने सभी विधायकों को सुबह नाश्ते पर सीएम हाउस बुलाया था। लेकिन, विक्रमादित्य के अलावा चार विधायक नाश्ते पर नहीं पहुंचे। जिसके बाद एक बार फिर से शिमला से लेकर दिल्ली तक नंबरगेम पर मंथन चलता रहा।
कांग्रेस की ओर से कहा गया कि विक्रमादित्य का इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया। अभी मान-मनौव्वल का दौर जारी है। आलाकमान ने जिन पर्यवेक्षकों को भेजा है वह विधायकों के साथ हर विकल्प पर मंथन कर रहे हैं। इन सभी हलचल के बीच आज स्पीकर मुकेश पठानिया ने 6 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया। इसके बाद बहुमत का आंकड़ा बदल गया।
अब सुक्खू सरकार को सरकार बचाने के लिए 32 विधायक चाहिए। एक तरफ एक्शन तो दूसरी तरफ बातचीत के जरिए संकट का समाधान तलाशने की कोशिश में भी कांग्रेस जुटी हुई है। अब सीएम सुक्खू की ब्रेकफास्ट पॉलिटिक्स से भी विक्रमादित्य समेत चार विधायकों ने किनारा कर लिया। हिमाचल में बिगड़ते नंबरगेम के बीच कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को सीएम हाउस में नाश्ते पर बुलाया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांग्रेस के चार विधायक विक्रमादित्य सिंह, मोहन लाल, नंद लाल और धनिराम ने सीएम हाउस में आयोजित नाश्ते से किनारा कर लिया। ये चार विधायक सीएम हाउस में आयोजित नाश्ते पर नहीं पहुंचे थे।
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राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के 48 घंटे के भीतर ही स्पीकर ने 6 विधायकों पर एक्शन ले लिया। स्पीकर ने इन सभी विधायकों को विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहरा दिया। इसके साथ ही अब सदन के सदस्यों की संख्या 62 हो गई। ऐसे में बहुमत का आंकड़ा भी 32 पर आ गया है। अगर विक्रमादित्य की नाराजगी दूर हो गई तो सुक्खू सरकार से संकट टल जाएगा।
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