UP Budget Session: उत्तर प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने सदन में बड़ा बयान दिया। सीएम ने कहा कि आज नव्य, दिव्य और भव्य अयोध्या को देखकर हर व्यक्ति अभिभूत है। अयोध्या भारत की सांस्कृतिक विरासत है। अयोध्या धाम को पूरी दुनिया में पहचान दिलाने का काम बहुत पहले हो जाना चाहिए था।
आगे सीएम ने कहा कि हम मानते हैं कि राम मंदिर का विवाद न्यायालय में था लेकिन वहां की सड़कों का चौड़ीकरण किया जा सकता था, वहां के घाटों का पुनरुद्धार किया जा सकता था। अयोध्यावासियों के लिए बिजली की व्यवस्था की जा सकती थी, वहां स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा की जा सकती थी, वहां एयरपोर्ट बनाया जा सकता था। विकास के इन कार्यों को किन मंशा के साथ रोका गया था?
विपक्ष से पूछे सवाल
इस दौरान सीएम ने विपक्ष से सवाल करते हुए कहा- ‘कौन सी मंशा थी कि अयोध्या का विकास ही अवरुद्ध कर दो, काशी-वृंदावन का विकास ही अवरुद्ध कर दो, मथुरा का विकास अवरुद्ध कर दो? ये तो मुद्दा नियत का है। हमारी आस्था थी और नीति भी साफ थी और नियत भी स्पष्ट थी। हमने बिना रुके, बिना झुके और बिना थके काम किया है। अगर हम लोग अयोध्या और काशी गए हैं तो नोएडा और बिजनौर भी गए हैं।
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सपा प्रमुख अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए कहा कि अयोध्या को इसलिए अभिशिप्त कर दिया गया था कि वोटबैंक कट जाएगा और नोएडा और बिजनौर इसलिए नहीं जाते थे कि लोग वहां से जाने पर कुर्सी से उतर जाएंगे। जितना प्यार आप लोग सत्ता से करते हो इतना प्यार देश और देश की धरोहर से करना चाहिए। सरकार तो एक दिन चली जाती है लेकिन देश और प्रदेश को बचाना चाहिए था। इस देश की संस्कृति का विकास ही रोक दिया था।
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