Uttarakhand UCC Bill: देवभूमि उत्तराखंड ने इतिहास रच दिया है। बुधवार को विधानसभा सत्र के दौरान चर्चा के बाद समान नागरिक संहिता बिल (यूसीसी) ध्वनिमत से पास हो गया। इसी के साथ उत्तराखंड समान नागरिक संहिता कानून लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को यह बिल सदन में पेश किया था।
बुधवार को चर्चा के बाद सर्वसहमति से इस बिल को पास कर दिया गया। सीएम धामी ने कहा कि हमारे संविधान निर्माताओं ने जो सपना देखा था, वह जमीन पर उतरकर हकीकत बनने जा रहा है। हम इतिहास रचने जा रहे हैं। देश के अन्य राज्यों को भी उसी दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
यूसीसी बिल पास होने के बाद अब इसे राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। राज्यपाल के हस्ताक्षर होने के बाद यह विधेयक कानून बन जाएगा। इससे राज्य के सभी लोगों पर समान कानून लागू हो जाएंगे। हालांकि, अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लोगों पर इसके प्रावधान लागू नहीं होंगे। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का वादा बीजेपी ने साल 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान किया था।
धामी की सरकार बनने के बाद इसे लेकर समिति बनाई गई थी। इस समिति ने ढाई लाख से ज्यादा सुझावों के बाद यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार किया था। उत्तराखंड पहला ऐसा राज्य होगा जहां समान नागरिक संहिता का कानून लागू होने जा रहा है। इससे पहले गोवा में समान नागरिक संहिता लागू है, लेकिन वहां पुर्तगाल के शासन काल से ही ये लागू है।
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बता दें कि, इसमें 392 धाराएं हैं, जिनमें से केवल उत्तराधिकार से संबंधित धाराओं की संख्या 328 है। विधेयक में मुख्य रूप से महिला अधिकारों के संरक्षण को केंद्र में रखा गया है। कुल 192 पृष्ठों के विधेयक को चार खंडों विवाह और विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार, सहवासी संबंध (लिव इन रिलेशनशिप) और विविध में विभाजित किया गया है। विधेयक के पारित होने के बाद इसे राजभवन और फिर राष्ट्रपति भवन को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
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