UP IPS Prashant Kumar: यूपी के स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार का योगी सरकार में कद बढ़ा है। प्रशांत कुमार यूपी के कार्यवाहक डीजीपी बनाए गए हैं। वर्तमान डीजीपी विजय कुमार आज बुधवार 31 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं। प्रशांत कुमार 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी है। प्रशांत कुमार का कार्यकाल मई 2025 तक है।
हालांकि, अभी तक स्थायी डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। इसके चलते प्रशांत कुमार को कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया। आरके विश्वकर्मा के सेवानिवृत्त होने के बाद विजय कुमार को 31 मई 2023 को कार्यवाहक डीजीपी के रूप में तैनात किया गया था।
बता दें कि, प्रशांत किशोर का जन्म बिहार के सिवान जिले के हुसैनगंज प्रखंड के छाता पंचायत के हथौड़ी गांव में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा के बाद प्रशांत किशोर ने आगे की शिक्षा दूसरे राज्यों में प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने MBA, Msc और M.Phill की डिग्री पूरी की और आईपीएस में चयनित हुए।
सिंघम के नाम से मशहूर है आईपीएस
सबसे पहले IPS के लिए चुने जाने के बाद प्रशांत कुमार को तमिलनाडु कैडर मिला, लेकिन साल 1994 में वह यूपी कैडर में चले गए थे। आईपीएस प्रशांत कुमार लोगों के बीच ‘सिंघम’ के नाम से भी मशहूर हैं। हाल ही में अयोध्या रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामनगरी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी सराहनीय काम किया है।
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वीरता पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं प्रशांत कुमार
प्रशांत कुमार को उनकी बहादुरी और उत्कृष्ट कार्य के लिए जाना जाता है। सराहनीय कामों के लिए तीन बार पुलिस मेडल मिल चुका है। साल 2020 और 2021 में उन्हें वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यूपी की कड़ी और मजबूत पुलिस व्यवस्था बनाने में प्रशांत कुमार का अहम योगदान है।
कार्यवाहक डीजीपी बनाए जाने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार को निशाने पर लिया। सोशल मीडिय एक्स पर पोस्ट लिखा ‘लगता है एक बार फिर उत्तर प्रदेश को कार्यवाहक डीजीपी मिलने वाला है। जनता पूछ रही है कि हर बार कार्यवाहक डीजीपी बनाने का खेल दिल्ली-लखनऊ के झगड़े की वजह से हो रहा है या फिर अपराधियों के संग सत्ता की सांठगांठ के कारण।
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