Muslim League J&K Amit Shah: केन्द्र सरकार ने एक बार फिर से देश विरोधी गतिविधियों पर बड़ा एक्शन लिया है। मुस्लिम लीग जम्मू-कश्मीर (मसरत आलम ग्रुप) पर प्रतिबंध लगा दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी ट्वीट कर जानकारी दी है। गृह मंत्री का कहना है कि केन्द्र की मोदी सरकार का स्पष्ट आदेश है कि किसी भी राष्ट्र विरोधी गतिविधि को बख्शा नहीं जाएगा।
मुस्लिम लीग जम्मू-कश्मीर के सदस्य देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त है। वह घाटी में आतंकी गतिविधियों का समर्थन करते हैं और घाटी में मुस्लिम शासन के लिए लोगों को उकसाने का काम करते हैं। इसलिए इस लीग को UAPA के तहत बैन किया है। इस संगठन पर पांच सालों के लिए बैन लगाया गया है।
बता दें कि, मुस्लिम लीग मसरत आलम ग्रुप की अध्यक्षता मसरत आलम भट करता है। यह संगठन अपने राष्ट्रविरोधी और पाकिस्तान समर्थक प्रचार के लिए जाना जाता है। यह संगठन जम्मू और कश्मीर को भारत से स्वतंत्र करना चाहता है ताकि जम्मू और कश्मीर का पाकिस्तान में विलय हो सके और जम्मू कश्मीर में इस्लामी शासन स्थापित हो सके।
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प्रतिबंध मतलब क्या?
देश में अब तक केन्द्र सरकार ऐसे 42 संगठनों पर बैन लगा चुकी है। बैन का मतलब अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेन्शन एक्ट (UAPA) के तहत केंद्र सरकार किसी संगठन को ‘गैरकानूनी’ या ‘आतंकवादी’ घोषित कर सकती है। इसे ही आम बोलचाल की भाषा में ‘प्रतिबंध’ कहा जाता है।
अगर किसी संगठन को ‘गैरकानूनी’ या ‘आतंकवादी’ घोषित कर दिया जाता है या उस पर ‘प्रतिबंध’ लगा दिया जाता है, तो उसके सदस्यों का अपराधीकरण हो सकता है और उसकी संपत्ति भी जब्त हो सकती है। इसके अलावा वह राष्ट्र विरोधी गतिविधि में शामिल होने के जुर्म में वह जेल भेजे जा सकते हैं।
बैन लगने वाले 42 संगठनों में कई खालिस्तानी संगठन, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, लिट्टे और अलकायदा जैसे संगठन शामिल हैं। इन सभी संगठनों पर देश विरोधी गतिविधियों का आरोप है। जांच एजेंसिय़ां लगातार इन पर निगरानी बनाकर रखती है।
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