Parliament Winter Session: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन से 146 विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के बाद सांसदों ने सदन के बाहर हर दिन विरोध प्रदर्शन किया और सरकार को जवाबदेही के लिए घेरा। इसके बाद राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक चिट्ठी लिखी। जिसमें उन्होंने कई बातें लिखी।
इस चिट्ठी के जवाब में कांग्रेस नेता ने भी उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने भी कई बातें उपराष्ट्रपति के लिए लिखीं। उपराष्ट्रपति ने मल्लिकार्जुन खरगे को मुलाकात और बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। अब इसके बाद खरगे ने इसका जवाब देते हुए कहा है कि मैं आपसे नहीं मिल पाऊंगा, क्योंकि मैं अभी दिल्ली से बाहर हूं।
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सभापति सदन का संरक्षक होता हैं- खरगे
बता दें कि इस चिट्ठी में नेता प्रतिपक्ष ने लिखा कि सभापति सदन का संरक्षक होता है और उसे सदन की गरिमा बनाए रखने, संसदीय विशेषाधिकारों की रक्षा करने और संसद में बहस, चर्चा और उत्तर के माध्यम से अपनी सरकार को जवाबदेह रखने के लोगों के अधिकार की रक्षा करनी चाहिए। साथ ही खरगे ने राज्यसभा में विधेयकों पर पर्याप्त चर्चा न होने का आरोप लगाया।
संसद सुरक्षा चूक को लेकर निशाना
इसके साथ ही मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने पत्र में संसद की सुरक्षा चूक मामले पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश के गृह मंत्री चालू संसद सत्र के बावजूद एक टीवी चैनल पर ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर बयान देते हैं, लेकिन सदन में आकर बयान नहीं देते। यह दुर्भाग्यपूर्ण होने के साथ-साथ लोकतंत्र के मंदिर को अपवित्र करने जैसा कृत्य है।