श्रीलंका की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11नवंबर 2014 को हर साल वर्ल्ड यूथ स्किल्स मनाने की घोषणा की थी। जिसके बाद पहली बार 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस मनाया गया।
नई दिल्ली: भारत समेत दुनियाभर में हर साल 15 जुलाई को वर्ल्ड यूथ स्किल्स डे मनाया जाता है। श्रीलंका की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 नवंबर 2014 को हर साल वर्ल्ड यूथ स्किल्स मनाने की घोषणा की थी। जिसके बाद पहली बार 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस मनाया गया।
वर्ल्ड यूथ स्किल्स डे का उद्देश्य
आज के दिन युवाओं के लिए बेहद खास है। इस अवसर पर अलग-अलग तरह की स्किल्स के बारे में बात की जाती है उनको आगे बढ़ाने की योजनाओं पर विचार होता है।/ इसका मकसद दुनियाभर के युवाओं में तरह-तरह की कौशलता को बढावा देना हैं, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर मिल सकें और वो अपनी स्किल की बदौलत अच्छा जीवनयापन कर सकें।/ इसके लिए यूथ में टेक्निकल, वोकेशनल एजूकेशन ट्रेनिंग के अलावा लोकल और ग्लोबल इकाॅनामी के लिए रीलेवेंट और अन्य स्किल्स डेवलपमेंट के लिए अवेयरनेस फैलाना होता है।
बेहतर करियर के लिए स्किल्स जरूरी
भारत समेत दुनिया में तमाम देश हैं, जहां युवा शिक्षित तो हैं, लेकिन वो आज भी नौकरी की तलाश में यहां-वहां भटक रहे हैं। बेरोजगारी की एक समस्या युवाओं के पास स्किल ना होना है। उनके पास डिग्रीयां तो हैं, लेकिन अक्सर यह देखा जाता है कि उनके अंदर कौशल की कमी है। ऐसे में बेहतर करियर के लिए खुद को स्किल्ड करना बेहद जरूरी है।/
आज ही के दिन हुई थी की शुरूआत
भारत में आज के ही दिन प्रधानमंत्री कौशल विकास योजनाकी शुरूआत हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स 15 जुलाई 2015 में इसकी शुरूआत की थी। इस योजना के अंतर्गत देश बेरोजगार युवाओं को कौशल का प्रशिक्षण दिया जाता है।इसका प्रथम संस्करण 2015 से 2016 तक चला। इसके बाद 2016 में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजनाका दूसरा संस्करण लांच किया गया जोकि 2020 तक चला। इसके बाद 2020 में इस योजना के तीसरे पार्ट की शुरूआत की गई।