Uttarkashi Tunnel Rescue: उत्तरकाशी के सिल्क्यारा में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इस ऑपरेशन को दो सप्ताह से ऊपर हो चुके हैं। आज सोमवार को रेस्क्यू का 16वां दिन है। अब तक 36 मीटर वर्टिकल ड्रिलिंग पूरी हो चुकी है। कुल 86 मीटर ड्रिलिंग होनी है यानी 50 मीटर अभी बाकी है। कुछ देर पहले केंद्रीय मंत्री वीके सिंह, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रधान सचिव पीके मिश्रा और उत्तराखंड के मुख्य सचिव एसएस संधू रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लेने पहुंचे।
पीके मिश्रा ने की मजदूरों से बातचीत
पीके मिश्रा ने सुरंग में फंसे मजदूरों से फोन पर बातचीत की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने आंतरिक संचार तंत्र के कर्मियों से अंदर की स्थिति की जानकारी ली और सभी के स्वास्थ्य के बारे में पूछा। मजदूरों को आश्वासन दिया कि जल्द ही उन्हें सुरंग से बाहर निकाल लिया जाएगा।
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इसके अलावा बड़ी ख़बर यह है कि चूहा खनन करने वालों की एक टीम मैनुअल ड्रिलिंग भी करने जा रही है। यह सिलक्यारा छोर से होने वाली क्षैतिज ड्रिलिंग का हिस्सा है। यहां 47 मीटर पाइप बिछाया गया है। इसके बाद आज सुबह तक फंसी ऑगर मशीन को बाहर निकाला गया था।
रैट माइनर की टीम जाएगी अंदर
अब रैट माइनर टीम अंदर जाकर मैनुअल ड्रिलिंग करेगी। कुछ देर बाद चूहे खनिक पाइप के सहारे सुरंग के अंदर पहुंचेंगे और फंसे हुए मजदूरों के लिए रास्ता बनाने की कोशिश करेंगे। सिल्कयारा में बचाव कार्य में शामिल माइक्रो टनलिंग विशेषज्ञ क्रिस कूपर ने कहा कि मैनुअल ड्रिलिंग इस बात पर निर्भर करेगी कि अंदर कौन सी बाधाएं आती हैं और जमीन कैसे प्रतिक्रिया करती है। कुछ देर बाद चूहे खनिक पाइप के सहारे सुरंग में प्रवेश करेंगे।
सबसे तेजी से आगे बढ़ रही मजदूरों को बचाने की योजना पहाड़ के ऊपर से गड्ढा खोदकर मजदूरों को बचाने की है। 24 घंटे के अंदर सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड ने पहाड़ को 36 मीटर तक ध्वस्त कर दिया। आज ही यह दायरा बढ़कर 45 मीटर हो जाएगा। इसके बाद दूसरी मशीन काम करेगी।