Farmer Protest: हरियाणा के फतेहाबाद में किसानों का धरना प्रदर्शन लघु सचिवालय के बाहर जारी है। किसानों ने शुक्रवार को सचिवालय का दूसरा गेट बंद कर दिया। इससे पहले किसान मोर्चा के किसानों ने पहले गेट को बंद कर दिया था। इस दौरान किसानों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
लघु सचिवालय के दोनों गेट पर अलग-अलग किसान यूनियनों का प्रदर्शन करीब डेढ़ महीने से जारी है। किसानों का कहना है कि जुलाई महीने में आई बाढ़ से किसानों की फसलों का जो नुकसान हुआ है। सरकरा उस नुकसान का मुआवजा नहीं दे रही हैं। सरकार किसानों की मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही हैं।
बता दें कि आज किसानों ने डीसी कार्यालय घेराव का आह्वान किया था लेकिन किसानों ने सचिवालय का दूसरा गेट बंद कर दिया। किसानों का कहना है कि जब तक बर्बाद फसलों का मुआवजा नहीं मिल जाता तब तक किसान धरनारत रहेंगे। प्रशासन का कोई भी अधिकारी किसानों की सुध नहीं ले रहा है।
किसान नेताओं ने मोर्चा द्वारा बाढ़ से नष्ट फसलों का प्रति एकड़ 50 हजार मुआवजा, दोबारा बिजाई करने की सूरत में 30 हजार रूपए प्रति एकड़ मुआवजा, ठेके पर लेने वाले किसानों को आधा ठेका देने, 2020, 21 और 22 का नरमा बीमा क्लेम का भुगतान, सेम, जलभराव से बर्बाद फसलों का मुआवजा और समाधान, आगजनी से नष्ट गेहूं का बिना शर्त मुआवजा देना शामिल है।
अपनी इन मागों को लेकर किसानों की दो यूनिय़न फतेहाबाद में करीब डेढ़ महीने से धरना प्रदर्शन कर रही है। फसलों के अलावा किसानों की मांग है कि 6 महीने का बिजली बिल माफ किया जाए और 6 महीने तक पीड़ित किसानों को मुफ्त राशन दिया जाए। इन मांगों के पूरा होने के बाद ही किसान अपना धरना प्रदर्शन समाप्त करेंगे।