Swami Prasad Maurya Controversy: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केशव प्रसाद मौर्य के बयान को लेकर बवाल मचा है। मौर्य का कहना है कि भारत कभी हिन्दू राष्ट्र नहीं बनेगा, नहीं यह हिन्दू राष्ट्र रहा है। देश का संविधान धर्मनिरपेक्ष के अनुसार लिखा गया है। देश में सभी धर्मों को बराबर का अधिकार है।
सपा नेता ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के उस बयान के संबंध में जवाब दिया जिसमें बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने कहा था कि भारत को अब हिंदू राष्ट्र बनना चाहिए। उन्होंने आगे टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत लंबे समय के बाद गुलामी से मुक्त हुआ है। हमें उन लोगों से सावधान रहना चाहिए जो हजारों वर्षों तक स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए देश को तोड़ने की साजिश रचते हैं। अगर कोई हिंदू राष्ट्र की बात करता है तो कल कोई खालिस्तान की मांग क्यों नहीं कर सकता या धर्म के आधार पर विभाजन की बात क्यों नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि वह भगवान बुद्ध द्वारा दिए गए सनातन धर्म और सनातन उपदेश को मानने वाले हर व्यक्ति का स्वागत करते हैं। मैं सनातन धर्म पर दृढ़ता से कायम हूं। भगवान बुद्ध ने एस धम्मो सनंतनो (यह सनातन धर्म है। बुद्ध का मार्ग ही सच्चे अर्थों में धर्म का मार्ग है।) का उपदेश दिया और उनके द्वारा कहे गए शब्द शाश्वत हैं। भगवान बुद्ध सभी शाश्वत धर्मों, भाषाओं और शिक्षाओं के स्रोत हैं, इसलिए अगर कोई और उन्हें अपनाता है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है।
इसके अलावा समाजवादी नेता मौर्य ने बीजेपी को निशाने पर लिया और दावा किया कि सत्ता में आने से पहले जाति जनगणना पर चर्चा की गई थी और वादे किए गए थे, लेकिन पद पर रहते हुए उन्होंने इससे मुंह मोड़ लिया। उन्होंने सामाजिक न्याय के लिए जातीय जनगणना को महत्वपूर्ण बताया। दलित, पिछड़ों और वंचितों के अधिकारों का हनन करने वाली भारतीय जनता पार्टी वादा करने के बाद भी जनगणना नहीं करा रही है। इस मुद्दे को गांव-गांव तक ले जाएंगे, तभी जातीय जनगणना होगी।