नूंह: हरियाणा के नूंह हिंसा मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसी सिलसिले में पुलिस ने कई सारे रोहिंग्या शरणार्थियों को गिरफ्तार किया है। मामले में अधिकारियों का कहना है कि इनमें से कुछ शरणार्थियों की पहचान पथराव करने और 31 जुलाई को हुई हिंसा का हिस्सा बनने के लिए की गई है।
एक निजी न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, नूंह के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया ने कहा कि कुछ शरणार्थियों की संपत्तियों पर विध्वंस अभियान चलाया गया क्योंकि वे तारू में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर रहे थे। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जो हिंसा में शामिल थे उन्हें सबूत के आधार पर टीमों ने उन्हें गिरफ्तार किया है।
बता दें किअधिकारियों ने 4 अगस्त को एनएच जिले के पड़ोसी इलाकों में अतिक्रमित सरकारी भूमि पर लगभग 250 झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया था।नूंह के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत पवार ने बताया कि रोहिंग्याओं द्वारा रखी गई 50 से अधिक अवैध संपत्तियों की पहचान की गई और सुरक्षा और जनशक्ति प्रदान करने वाले पुलिस बल के साथ संबंधित अधिकारियों द्वारा विध्वंस अभियान चलाया गया।
वहीं गैर-सरकारी संगठन रोहिंग्या ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव के संस्थापक और निदेशक सब्बर क्याव मिन ने कहा कि इन शिविरों में रहने वाले अधिकांश रोहिंग्या शरणार्थी रिक्शा चालक, कचरा बीनने वाले और सब्जी बेचने वाले के रूप में काम करते हैं।उन्होंने कहाकि हरियाणा पुलिसके अधिकारियों ने शिविर को सूचित किया था कि उनके पास कम से कम 17 रोहिंग्या शरणार्थियों की सूची थी, जिनमें से कुछ की हिंसा में शामिल होने के लिए पहचान की गई थी।