शुभम रावत-
वाराणसी:वाराणसी जिला प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों ने राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ परिसर पर कब्जा कर लिया।संस्थान में रहने वाले कर्मचारियों के सामान को भी बाहर कर दिया गया।भारतीय रेलेवे ने दावा किया है कि यह जमीन उनकी है और संस्था ने गलत तरीके से उस पर कब्जा जमाया है।
सर्व सेवा संघ पर सरकार का कब्जा
22 जुलाई शनिवार को सर्व सेवा संघ का भवन और परिसर को खाली कराने के लिए रेलेवे अधिकारी पुलिस प्रशासन समेत बुलडोजर लेकर पहुंचा। परिसर के पदाधिकारियों और लोगों ने इसका विरोध किया तो सचिव रामधीरज सहित 8लोगों को हिरासत में ले लिया गया। साथ ही उनके ऊपर शांति भंग करने की धारा में चालान कर दिया गया।
जमीन पर संघ का मालिकाना हक खारिज
बता दें सर्व सेवा संघ के पास राजघाट पर 8.07 एकड़ जमीन है। इसमें करीब 50 आवास बने हैं। इसमें चार संग्रहालय भी हैं। संघ ने इस जमीन पर मालिकाना हक का दावा किया था, जिसे जिलाधिकारी कोर्ट ने खारिज कर दिया। तभी रेलवे प्रशासन ने जमीन से कब्जा हटाने और भवन ध्वस्त करने का नोटिस चिपका दिया था।
सालों रहा गांधीवादी कार्यकर्ताओं का परिवार
सर्व सेवा संघ परिसर मेंगांधीवादी कार्यकर्ताओं का परिवार और कर्मचारी कईसालों से रह रहा था।पूरे परिसर पर अब पुलिस का कब्जा है।किसी के भी अंदर आने और बाहर जाने पर रोक पाबंदी लगा दी गई। सर्व सेवा संघ परिसर के मुख्य दरवाजे पर अब रेलवे ने एक बैनर टांग दिया है। इस बैनर पर लिखा है कि यह रेलवे की संपत्ति है। किसी का भी प्रवेश अनाधिकृत और दंडनीय है।
गांधी के विचारों को मारा जा रहा है- संघ संयोजक
संघ के संयोजक रामधीरज ने दावा किया है कि भवन और संग्रहालय की स्थापनला 1960 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण और विनोबा भावे ने की थी। अब इस विरासत को प्रशासन और रेलवे नष्ट कर रहा है।सर्व सेवा संघ परिसर मेंकभी विनोबा भावे, जयप्रकाश नारायण, राधाकृष्ण बजाज, ठाकुरदास बंग रहा करते थे। रामधीर ने कहा किगांधी जी के विचारों को फिर से मारा जा रहा है।
रामधीरज ने इस मामले को लेकर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय को पत्र लिखा है। उन्होंने गांधी विद्या संस्थान की जमीन से कब्जा छोड़ने की मांग की है। रामधीरज ने पत्र में लिखा है कि आप जयप्रकाश नारायण के प्रशंसकों और समर्थकों में रहे हैं। आपका जयप्रकाश जी से गहरा लगाव और जुड़ाव था।
आप जानते हैं कि 1962 में जयप्रकाश जी ने वाराणसी में सर्व सेवा संघ परिसर में गांधी विद्या संस्थान नामक यह शोध संस्थान बनाया था। जिसका उद्देश्य था, देशभर में गांधी विचार पर आधारित चल रहे आंदोलनों एवं कार्यों का अध्ययन करना और यह देखना कि उसका समाज पर क्या प्रभाव हो रहा है। आप स्वयं भी संस्थान से जुड़े रहे हैं और इसके सारे उतार-चढ़ाव के बारे में जानते ही हैं।
बता दें सर्व सेवा संघ परिसर में अब रेलवे पुलिस आराम कर रही है। मुख्य गेट पर एक बैनर टांग दिया गया है, जिस पर किसी के प्रवेश को अनाधिकृत और दंडनीय बताया गया है। गांधी विचारधारा के लोग अभी तक सर्व सेवा संघ के परिसर में रह रहे थे, अब उनका कहां ठिकाना होगा, यह भविष्य तय करेगा।