रेलवे की नौकरी में फर्जीवाड़ा, बिहार में दी गई जमीन और पंजाब में चल रही नौकरी, CBI करेगी 20 कर्मचारियों से पूछताछ

नितिन उपाध्याय

पूर्व केन्द्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के समय रेलवे की नौकरियों में हुए फर्जीवाड़े को लेकर बड़ा खुलासा हुआ हैं। इस फर्जीवाड़े की जांच पंजाब के फिरोजपुर तक पहुंच गई है। फिरोजपुर डिवीजन में तैनात 20 कर्मचारियों से सीबीआई पूछताछ करेगी। सीबीआई ने इन कर्मचारियों को दिल्ली कार्यालय तलब किया है।

जांच के घेरे में सबसे अधिक लुधियाना रेलवे स्टेशन में 7, जम्मूतवी स्टेशन में 5, उधमपुर स्टेशन, चौकी मान स्टेशन, पठानकोट स्टेशन, श्री वैष्णोदेवी कटरा स्टेशन, अमृतसर स्टेशन और फगवाड़ा स्टेशन से 1-1 और फिरोजपुर से 2 कर्मी शामिल हैं।

इन कर्मचारियों में से तीन पहले ही 26 और 27 जुलाई को दिल्ली बुलाया गया था। 15 कर्मचारियों को 28 से 31 जुलाई के बीच पेश होने के लिए कहा गया था। बाकी के 2 मुलाजिमों की पेशी एक अगस्त को होगी। इनमें सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिकल विभाग में 7 और मैकेनिकल के 5 कर्मचारी हैं। कॉमर्शियल-पर्सनल के 2-2, एस एंड टी के 3 और ऑपरेटिंग का 1 कर्मचारी शामिल है।

दरअसल, सीबीआई को पूर्व रेल मंत्री लालू के घर से बीते साल एक हार्डडिस्क मिली थी।उस हार्डडिस्क में इन कर्मचारियों के नाम और फर्जीवाड़े के सबूत मिले थे। जिसके बाद सीबीआई ने इन कर्मचारियों को लेकर जांच तेज कर दी थी। तलब किए गए कर्मचारियों में अधिकतर कर्मचारी बिहार के रहने वाले हैं। इन पर जमीन के बदले नौकरी का आरोप हैं।

बताया जा रहा है कि मामला साल 2004 से 2009 के बीच है। तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने तब फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था। अब मामले की परते एक के बाद एक खुलती जा रही है।नौकरी में फर्जीवाड़े के लिए बाकायदा पटना कैंप कार्यालय में एमआर के नाम से स्पेशल सेल बनाया था। यहीं पर इन उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट और एप्लीकेशन जमा हुए थे। सेल रेलवे अधिकारियों तक आवेदन भेजने से पहले संबंधित आवेदक के डॉक्यूमेंट्स की जांच करता था।

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