सीएम मनोहर लाल ने कहा गर्मियों में दिल्ली के पीने के पानी की समस्या को दूर करने के लिए हमने अपने हिस्से का पानी भी उनको दिया था.,और आज जब आपदा आई तो वो राजनीति करने लगे।
नई दिल्ली: देश की राजधानी इस समय बाढ़ के संकट से जूझ रही है। शहर के कई इलाके भारी बारिश के चलते जलमग्न हो गए है, जिससे आम जनता को अनेक समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है। वहीं भारी बारिश और बाढ़ के बीच राजनीति की धारा भी तेजी से बह रही है। सियासतदारों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का खेल और तेज हो गया है।
दिल्ली पानी-पानी, जिम्मेदार कौन ?
पिछले 10 दिनों से दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में भारी बारिश के चलते आम जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मूसलाधारा बारिश के चलते यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पार पहुंच गया। अभ लगभग एक हफ्ते के बाद यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे कम होकर 205.78 मीटर तक नीचे जा रहा है। जिसकी वजह से अब जनजीवन सामान्य हो रहा है।
सीएम मोनहर का केजरीवाल को जवाब
वहीं राजधानी में बाढ़ का मुद्दा देश की सियासत में गर्मा गया है। आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच जमकर जुबानी जंग छिड़ी हुई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बाढ़ का जिम्मेदार हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज को बताया है। जिसपर हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने उनपर तीखा पलटवार किया है।
हरियाणा दिल्ली को देता है अपने हिस्से का पानी
सीएम मनोहर लाल ने बाढ़ के मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल पर हमला बोल दिया। उन्होंने ट्वीट करके लिखा, गर्मियों में दिल्ली के पीने के पानी की समस्या को दूर करने के लिए हमने अपने हिस्से का पानी भी उनको दिया था…और आज जब आपदा आई तो वो राजनीति करने लगे। मैं इतनी घटिया राजनीति नहीं करता और हरियाणा का कोई भी व्यक्ति इतनी छोटी सोच का नहीं है कि खुद को बचाने के लिए दिल्ली को डुबाने की सोचे। हरियाणवी तो अपनी जान देकर भी दूसरों की जान बचाता है। दिल्ली में बाढ़ से प्रभावित लोगों के प्रति मेरी संवेदना है। हमसे जो भी मदद हो सकेगी हम करेंगे, पर इस विषय पर राजनीति करके उनकी तकलीफ पर नमक नहीं छिड़केंगे।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल दिल्ली में आई बाढ़ को लेकर सीएम अरविंद केजरीवाल ने यमुना में पानी छोड़े जाने को लेकर हरियाणा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी थी। इसके बाद से ही दोनों प्रदेशों की सरकार के बीच सियासत गर्मा गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल इसपर पलटवार करते हुए कहा था कि, जब केजरीवाल के पास कोई जवाब नहीं होता तो उनके सपने में हरियाणा आता है चाहे फिर पानी का मुद्दा हो, या प्रदूषण का या फिर कोई और बात, लेकिन बाढ़ को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
वहीं मनोहर सरकार में मंत्री कंवर पाल ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हथिनीकुंड बैराज कोई डैम नहीं है जिसमें हम पानी को रोक सके। इसकी भी एक सीमा है। पीछे से आ रहे पानी को स्टोर करने के लिए हथिनीकुंड बैराज बनाया गया था। इसमें कुछ समय के लिए पानी को रोका जा सकता है लेकिन लगातार पानी रोक पाने के लिए हथिनीकुंड बैराज सक्षम नहीं। यदि तय सीमा से ज्यादा पानी बैराज में रखा जाता है तो बड़ा नुकसान हो सकता है।
दिल्ली का विकास किसके हाथ ?
केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली के विकास का बजट केंद्र सरकार से पास होता है। अब हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कह दिया कि गर्मी के दिनों में दिल्ली को हम अपने हिस्से का पानी देते हैं। तो ऐसे में अब सवाल यह है कि केजरीवाल के मुफ्त शिक्षा, पानी, बिजली और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं का क्या ? क्या इन जन-सुविधाओं पर भी बीजेपी सरकार अपना दावा पेश कर देगी, या फिर केजरीवाल यह साबित करने में सफल रहेंगे कि राजधानी का विकास उन्होंने अपनी विकास नीति के दम पर किया है।