Biparjoy Cyclone Update:चक्रवाती तूफान बिपरजॉय गुजरात के तट से टकरा गया। कच्छ में हवा की रफ्तार 150 किमी प्रति घंटा हो गई। कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है और तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़-उखड़कर गिर रहे हैं। चक्रवात के कारण लैंडफॉल भी हो रहा है।
मध्यरात्रि तक रहेगा लैंडफॉल
बताया जा रहा है कि लैंडफॉल मध्य रात्रि तक रहेगा। इसके बाद बिपरजॉय कमजोर होकर राजस्थान की ओर मुड़ जाएगा। हालांकि, उससे पहले कच्छ, जामनगर और द्वारका में तेज हवाओं के चलते बिजली के खंभे और पेड़ों के गिरने की तस्वीरें सामने आ रही है। विभाग ने इन इलाकों की बिजली भी काट दी है।
केन्द्र और राज्य सरकार अलर्ट
बता दे कि चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के खतरे को लेकर केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक सब अलर्ट पर हैं। गुजरात में एनडीआरएफ की 17टीमें और एसडीआरएफ की 12टीमें तैनात हैं। नौसेना के 4जहाज अभी स्टैंडबाय में रखे गए हैं। तट के पास रहने वाले 74,000से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
मौसम विभाग का कहना है कि गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान समेत 9राज्यों पर महातूफान का असर रहेगा। लक्षद्वीप, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और राजस्थान में इसका असर देखने को मिल रहा है।
मोरबी में गिर रहे पेड़
चक्रवात बिपरजॉय के प्रभाव के रूप में मोरबी में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश रही है। पूरे सौराष्ट्र में इस वक्त साइक्लोन बिपरजॉय के लैंडफॉल का असर दिख रहा है। द्वारका और जामनगर से भी भारी बारिश और तेज हवाओं के चलते कई जगहों पर इलेक्ट्रक पोल और पेड़ गिरने की खबरें आ रही है।
15 पानी के जहाज तैनात
चक्रवात बिपरजॉय के खतरे को देखते हुए 15 पानी के जहाजों को तैनात किया गया है। इसके लिए 7 एयरक्रॉफ्ट को (SAR) सर्विस के लिए तैयार रखा गया। साथ ही 29 जेमिनी नावों के साथ 23 आपदा राहत दल, नावों के लिए 50 ओबीएम (आउट बोर्ड मोटर) 1000 लाइफजैकेट और 200 लाइफबॉय की व्यवस्था की गई है।