Umeshpal Hatyakand:सोमवार को उमेश पाल हत्याकांड का दूसरा शूटर ढेर हो गया। यूपी पुलिस और एसटीएफ ने ईनामी उस्मान शूटर को ढेर कर दिया। बता दे कि यह वही शूटर है जो दुकान पर खड़े होकर सामान खरीदने का नाटक कर रहा था और उमेश पाल के पहुंचते ही उनके ऊपर गोलियों की बौछार कर दी। जिससे उनकी पीठ में गोली लगी थी और हत्याकांड के बाद पुलिस इस शूटर की सरगर्मी से तलाश कर रही थी।
कौंधियारा में उस्मान का एनकाउंटर
बता दे कि, उमेश पाल बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड का मुख्य गवाह था। प्रयागराज हत्याकांड के 11वें दिन पुलिस ने यमुनानगर के कौंधियारा थाना इलाके में शूटर उस्मान को ढेर कर दिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि 50 हजार का इनामी उस्मान कौंधियारा थाना इलाके में छिपा है। जिसके बाद पुलिस का उसके साथ आमना-सामना हुआ।
उपचार के दौरान तोड़ा दम
पुलिस ने जब इनामी शूटर को सरेंडर करने के लिए कहा तो उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ में उस्मान को गोली लग गई। जिसके बाद उसे अस्पताल में ले जाया गया जहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बाद में उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
उस्मान ने किया था धर्म परिवर्तन
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुठभेड़ में मारा गया शूटर विजय उर्फ उस्मान बेहद शातिर अपराधी था। अतीक अहमद गैंग में शामिल होने पर विजय को उस्मान नाम दिया गया था। बताया जा रहा है कि वह पहले हिन्दू था और उसका नाम विजय था लेकिन अतीक गैंग के संपर्क में आने के बाद उसने धर्म परिवर्तन किया और अपना नाम उस्मान रख लिया। जिसके बाद वह अपराध की दुनिया में धंसता चला गया।
जानकारी के लिए बता दे विजय उर्फ उस्मान चौधरी ने ही उमेश पाल और सरकारी गनर पर सबसे पहले गोली चलाई थी। वह काफी समय से घटनास्थल के आस पास दुकानों पर सामान खरीदने का नाटक कर रहा था। उस्मान की पहली गोली उमेश पाल के गनर को लगी थी। जिसके बाद वह उमेश पाल को कवरिंग फायरिंग नहीं दे पाया।