अग्निवीरों के पहले बैच की रिपोर्ट आ चुकी है, अब तक लगभग 3000 अग्निवीर शामिल हो चुके हैं, जिनमें से लगभग 341 महिलाएं हैं। नौसेना दिवस से एक दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नौसेना चीफ एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है जब महिलाओं को नौसेना में शामिल किया गया है। उन्होंने ये भी कहा कि अगले साल से नौसेना में महिला अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा।
इस तरह अग्निवीरों का पहला बैच तैयार हो गया है। नौसेना चीफ हरि कुमार ने बताया कि अब नौसेना की सभी ब्रांच सभी के लिए खुली रहेंगी। इसके अलावा हम 2023 में सभी शाखाओं में महिला अधिकारियों को शामिल करने पर विचार कर रहे हैं, न कि केवल 7-8 शाखाओं में, जो आज तक सीमित हैं।
नौसेना प्रमुख ने कहा स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत ने तीनों सेवाओं के बीच तालमेल बढ़ाने की नींव रखी थी। सीडीएस जनरल चौहान ने भी इस दिशा में नए सिरे से प्रेरणा प्रदान की। हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि जिस तरह से हम योजना बनाते हैं और संचालित करते हैं उसमें अधिक संयुक्तता, सामंजस्य और बाद में एकीकरण हासिल करें।
उन्होंने कहा कि हाल की वैश्विक घटनाएं इस बात को रेखांकित करती हैं कि हम अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रह सकते हैं। सरकार ने हमें आत्मनिर्भर भारत पर बहुत स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं और शीर्ष नेतृत्व के लिए नौसेना की प्रतिबद्धताओं में से एक यह है कि हम 2047 तक आत्मनिर्भर नौसेना बन जाएंगे।