Manohar LaL: विज्ञान भवन में आयोजित दो दिवसीय ‘पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य’ विषयक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह में मनोहर लाल शामिल हुए। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गरिमामयी मौजूदगी रही। इस दौरान मनोहर लाल ने जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों पर अपने विचार रखे।
‘जलवायु परिवर्तन केवल वैज्ञानिक विषय नहीं’
मनोहर लाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब केवल चिंता का विषय नहीं है, बल्कि इस पर गंभीर चिंतन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब किसी समस्या को लेकर हम केवल चिंता करने के बजाय उसके समाधान के लिए चिंतन शुरू करते हैं, तो उसके समाधान का रास्ता जरूर निकलता है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का मुद्दा अब केवल विज्ञान तक सीमित नहीं रह गया है। यह सीधे तौर पर मानव सभ्यता के अस्तित्व से जुड़ा प्रश्न बन चुका है। इसलिए इस चुनौती को देखने का नजरिया भी व्यापक होना चाहिए।
इतिहास, संस्कृति और जीवनशैली से जोड़ने पर मिलेगा रास्ता
मनोहर लाल ने कहा कि जब तक जलवायु परिवर्तन को केवल वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाता रहेगा, तब तक यह समस्या बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके समाधान के लिए पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन को अपने इतिहास, संस्कृति, संस्कार और जीवनशैली के नजरिए से भी समझना होगा।
उनके मुताबिक, जिस दिन समाज इस समस्या को अपनी जीवन पद्धति और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़कर देखना शुरू करेगा, उसी दिन इसके समाधान के नए रास्ते सामने आने लगेंगे। मनोहर लाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती को केवल चिंता के स्तर पर रखने के बजाय उस पर चिंतन और समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है।