नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम चुनाव 4 दिसंबर को होने वाला है जिसके लिए कुल 1349 प्रत्याशी मैदान में हैं। आज चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है जिसको लेकर बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने चुनाव प्रचार अभियान तेज कर दिया है। अगर इन राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र पर गौर करें तो ऐसा लगता है कि हर दल ने जनता को सब्जबाग दिखायें हैं और उनके सपने की दिल्ली बनाने के लिए वादों की झड़ी लगा दी है।
बीजेपी के घोषणा पत्र में किए गए वादे-
1. 100 दिन के भीतर Mymcd apply शुरु करके लाइसेंस जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए faceless प्रणाली शुरु करेंगे।
2. 2024 तक तीन कूड़े के पहाड़ की सफाई करते आर्गेनिक गार्डेन बनाएंगे।
3. 5 साल में 1000 EV चार्जिंग मशीन लगाएंगे।
4. 5 साल में 7 लाख गरीबों को आवास प्रदान करने का वादा।
5. 100 मीटर के मकान पर नक्शे की आवश्यकता नहीं।
6. साप्ताहिक बाजार का नियमितीकरण किया जाएगा।
7. फैक्ट्री लाइसेंस खत्म करेंगे।
8. 5 वीं की मेधावी छात्राओं को मुॉप्त साइकिल, गरीब विधवा की बेटियों के लिए शादी में 30 हजार से बढ़ाकर
9. 50 हजार का सरकारी अनुदान देने का वादा।
10. निगम के सभी स्कूल में स्मार्ट क्लास रुम बनाए जाएंगे।
11. निगम के 15000 पार्क में योगा हट बनाए जाएंगे, मल्लखंब और खोखो खिलाया जाएगा।
कांग्रेस घोषणा पत्र में किए गए वादे-
1. कचरे का शत प्रतिशत डोर टू डोर कलेक्शन।
2. वर्तमान 23% ग्रीन क्षेत्र को बढ़ाकर अगले 5 सालों में 32% करने का लक्ष्य।
3. हर घर RO का जल।
4. हाउस टैक्स पिछला माफ और अगला हाफ।
5. एमसीडी स्कूलों को डे बोर्डिंग बनाया जाएगा।
6. दलित मॉडल वार्ड होगा।
7. दलित कल्याण के लिए ठेका प्रथा खत्म होगा. सफाई कर्मचारी पक्के।
8. संत श्री गुरु रविदास जी के विशाल मंदिर का कांग्रेस पार्टी निर्माण करवाएगी।
9. 5वीं तक के छात्रों को टैबलेट मुहैया कराया जाएगा।
10. छठ घाटों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
11. गाजीपुर, भलस्वा और ओखला में कूड़े के कुतुबमीनार को 18 महीने में खत्म किया जाएगा।
12. पार्षदों के कोष का सामाजिक ऑडिट।
13. डोमेस्टिक वर्कर के आर्थिक मदद के लिए शीला दीक्षित घरेलू मजदूर कल्याण योजना।
आम आदमी पार्टी के 10 वादे-
1. AAP दिल्ली में पार्किंग की समस्या का स्थायी समाधान करेगी।
2. नगर निगम की सड़कों की मरम्मत का भी काम कराएंगे
3. एमसीडी स्कूलों और अस्पतालों में सुधार लाने का वादा भी किया।
4. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीन भराव स्थलों को साफ कराने का भी वादा किया।
5. नगर निगम में भ्रष्टाचार खत्म करने की गारंटी दी। बिल्डिंग के नक्शे पास कराने की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। घर के निर्माण के लिए नियम लाएंगे।
6. AAP ने दिल्ली में आवारा पशुओं से निजात दिलाने की भी बात कही
7. संविदाकर्मियों को परमानेंट करेंगे। उन्हें 7वें वेतन आयोग के तहत सैलरी मिलेगी और तनख्वाह 1 तारीख को दी जाएगी।
8. व्यापारियों के लिए लाइसेंस की प्रक्रिया आसान किया जाएगा, अलग-अलग फीस खत्म की जाएगी। साथ ही इंस्पेक्टर राज खत्म करेंगे और सील दुकाने खोलेंगे।
9. स्ट्रीट वेंडर्स के लिए वेंडिंग जोन बनाया जाएगा। वसूली राज भी खत्म करेंगे।
10. दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त करने का वादा किया। केजरीवाल ने कहा कि अब दिल्ली में कूड़े का कोई नया पहाड़ नहीं बनेगा।
जाहिर इन वादों के जरिए सभी दल दिल्ली नगर निगम की कमान अपने हाथ में लेना चाहते हैं लेकिन तय तो जनता को करना है कि वो किस दल के वादे पर भरोसा करती है या फिर वैचारिक स्तर पर किस दल को अपने करीब पाती है। मौजूदा सूरते हाल यह है कि विगत 15 साल से दिल्ली नगर निगम पर बीजेपी का कब्जा है और दिल्ली की विधानसभा में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी का ये दूसरा टर्म है। ऐसे में बीजेपी जो अक्सर डबल इंजन की बात करती है, ठीक उसी तर्ज पर आम आदमी पार्टी भी जनता से यही कह रही है कि विधानसभा तो दिया अब दिल्ली का एमसीडी हमें सौंप दो। हम दिल्ली को सुंदर शहर बनाकर दिखायेंगे।
वहीं बीजेपी नीत सरकार केंद्र में सत्तारूढ़ है ऐसे में बीजेपी का दावा है कि दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश है और देश की राजधानी है यदि दिल्ली एमसीडी एक बार फिर से हमें यहां की जनता सौंपती है तो केंद्र के सौजन्य से जो विकास के काम चल रहे हैं वो और तेज गती से आगे बढ़ेंगे। लेकिन एक तीसरा दल भी दिल्ली के चुनावी संग्राम में है वो हैं कांग्रेस जिसका दावा है कि दिल्ली की जनता ने इन दोनो दलों को परख लिया है अब हमें मौका देना चाहिए क्योंकि हमने दिवंगत मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल में जिस तरह से विकास कार्य किया उसी का परिणाम है कि आज दिल्ली विकास के मामले में यहां तक पहुंची है। जाहिर है इन दावों को परखने और अपने पसंद का निगम बनाने का अधिकार दिल्ली की जनता को है और जीत का सेहरा किसके सर पर सजेगा ये तय करने का अधिकार भी।