नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र अगले सप्ताह बुधवार से शुरू होगा। शीतकालीन सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण बिल पेश करने की तैयारी में है। अबतक मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार 16 नए बिल पेश इस सत्र में कर सकती है। इनमें से कई बिल काफी महत्वपूर्ण हैं और लंबे समय से लंबित हैं, जिसे सरकार शीतकालीन सत्र में पास कराना चाहती है।
यह बिल होंगे पेश
शीत कालीन सत्र में पेश किए जाने वाले संभावित बिल में डेंटल कमीशन बिल, नेशनल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कमीशन बिल,वन संशोधन विधेयक वन अधिनियम 1980,तटीय जलीय कृषि प्राधिकरण विधेयक, 2022, बहु-राज्य सहकारी समितियां विधेयक, 2022, आदि प्रमुख हैं।
डेंटल कमीशन बिल पेश करने का कारण यह है की राष्ट्रीय दंत चिकत्सा आयोग स्थापना कर दंत चिकित्सक अधिनियम, 1948 समाप्त किया जा सके। इसी तरह नेशनल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कमीशन को स्थापित कर भारतीय नर्सिंग काउंसिल अधिनियम, 1947को निरस्त करने का प्रयास रहा है। बहु-राज्य सहकारी समितियां विधेयक, 2022को बहु-राज्य सहकारी समितियों में शासन को मजबूत करने और चुनावी प्रक्रिया में सुधार करने की योजना है। चुनावी प्रक्रिया में बदलाव का उदेश्य निगरानी तंत्र में सुधार करना और बहु-राज्य सहकारी समितियों को व्यापार करने की सरल सुविधा प्रदान करना है।
पुराना अनुदान विधेयक में हो सकता है संशोधन
इसी सूची में एक और विधेयक पुराना अनुदान विधेयक, 2022भी है। विधेयक का उद्देश्य 1836, 1827, 1838, 1849और 1851के गवर्नर जनरल आदेश के तहत दी गई भूमि को उनके हस्तांतरण, उपखंड और उद्देश्य परिवर्तन सहित विनियमित करना है। इस विधेयक का उद्देश्य भूमि पर सरकारी अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए जीवनयापन को आसान बनाना है।
वन संरक्षण अधिनियम को भी किया जाएगा पेश
केंद्र सरकार वन संशोधन विधेयक वन अधिनियम, 1980में संशोधन करना चाहती है। इसका उद्देश्य अधिनियम के प्रावधानों की जटिलता को कम करने, गैर-वन क्षेत्रों में वृक्षारोपण को बढ़ावा देने और वनों के संरक्षण की प्रक्रिया को आसान बनाना है। इसके अलावा केंद्र सरकार तटीय जलीय कृषि प्राधिकरण विधेयक, 2022, लाने का प्रस्ताव कर सकती है। यह अधिनियम तटीय जलीय कृषि गतिविधियों को इसके दायरे में लाने के लिए कानून के दायरे का विस्तार करने का भी प्रस्ताव करता है।
उल्लेखनीय है कि संसद का शीतकालीन सत्र इस साल 7 दिसंबर से 29 दिसंबर तक चलेगा। सत्र में कुल 17 कार्य दिवस होंगे।