आज 21 फरवरी को समस्त विश्व में अंतराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जा रहा है जिसकी शुरूआत सन् 1999 में युनेस्को द्वारा की गई थी. मातृभाषा शब्द दरअसल, अंग्रेजी के मदरटंग मुहावरे का शाब्दिक अनुवाद है. किसी भी बच्चे का जहां बचपन बीतता है, अर्थात् जिस परिवेश में वह बड़ा होता है. औऱ वह पहला भाषा जो उसके आस-पास बोली जाती है. वह भाषा उस बच्चे की मातृभाषा कहलाती है.
मतृभाषा के माध्यम से ही वह अन्य भाषाओं का ज्ञान अर्जित करता है. इसलिये किसी भी व्यक्ति के जिवन में मातृभाषा का बहुत बड़ा योगदान माना जाता है.किसी भी भाषा का स्त्रोत मातृभाषा ही होत है. मातृभाषा का तात्पर्य ही किसी भी भाषा का उद्गम स्थल होता है.
और आज का दिन अपनी मातृभाषा को सेलिब्रेट करने का है.आज आपकी अपनी मातृभाषा चाहे उर्दू, भोजपुरी, अवधि, कन्नड़, तमिल, तेलुगू, मलयालम, मराठी जो भी हो उसे सेलिब्रेट कर सकते हैं. क्योंकि विविध भाषाओं के इन मोतियों को पिरोकर हीभारत देश के एकता की माला बनती है, जिसमें प्रेम का धागा होता है.