Haryana: मोदी मनोहर की जो​ड़ी ने बिटिया कल्याण की दिशा में शुरू की कई योजनायें, मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना बनी मिसाल

संतोष कुमार सिंह

करनाल: जिस हरियाणा में बेटी के जन्म को अभिशाप माना जाता था और स्त्री पुरूष लिंगानुपात में भारी अंतर था उस प्रदेश ने जब सेवा का मौका मनोहर लाल को दिया तो उन्होंने महिलाओं और बेटियों के कल्याण के लिए योजनाओं की झड़ी लगा दी। न सिर्फ ​बेटी के जन्म की चिंता की  मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के जरिए बेटी की जन्म से परेशान रहने वाले माता पिता की चिंता हर ली। इस योजना को लाकर दूरदर्शी मनोहर लाल ने गरीब परिवार की सबसे बड़ी चिंता जहां ये गाना बनता था कि अगले जन्म मोहे बिटिया न कीजो उन गरीब परिवारों को इस बात की चिंता से मुक्त कर दिया कि उनकी बेटी की शादी में लगने वाला पैसा कहा से आएगा। न ही उनके गरीब परिवारों को अब इस बात की फिक्र करने की जरूरत थी कि बेटी की शादी के लिए जमीन, मकान या फिर कोई दूसरी कीमती समान गिरवी तो नहीं रखनी पड़ेगी। इतना ही नहीं मनोहर राज में किसी भी गरीब परिवार बेटी की शादी में होने वाले खर्च के लिए साहूकार के चंगुल में फंसने से मुक्ति दिलाई। ऐसी ही योजना थी मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना।

क्या कहते हैं मनोहर लाल

 साल 2015 में मुख्यमंत्री विवाह योजना की शुरुआत करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा था, अब बेटियां किसी भी परिवार पर बोझ बनकर नहीं रहेंगी, बेटियों की पढ़ाई से लेकर उसकी शादी और सुरक्षा तक की जिम्मेदारी सरकार की है। आज लड़कियां हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही है और सरकार आगे भी हर वो संभव मदद करने को तैयार है जिससे बेटियों का भविष्य उज्जवल हो सके। अब भले ही मनोहर लाल के बदले नये मुख्यमंत्री के रूप में नायब सिंह सैनी ने कार्यभार संभाला है ​लेकिन इस योजना से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए खुद मनोहर लाल ने बताया था कि कैसे गरीब परिवार को बेटियों की शादी पर बतौर शगुन आर्थिक मदद पहुंचाई जा रही है और अभी तक इससे कितने परिवार लाभान्वित हुए है।

आंकड़ों पर गौर करें तो मनोहर लाल ने खुद ही आंकड़ा साझा किया था जिसमें बताया था कि अब तक 2 लाख 58 हजार कन्याओं के विवाह में आर्थिक सहयोग किया गया है। इसपर सरकार के करीब 821 करोड़ खर्च हुए है। उस दौरान मनोहर लाल ने कहा कि। 2014 में मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना की राशि 31 हजार रुपये थी,जिसे बाद में बढ़ाकर 71 हजार रुपये कर दिया गया। बड़ी बात यह है कि इस योजना की राशि पोर्टल के जरिये आवेदक के खाते में पहुंच रही हैयानी बिना किसी भेदभाव के गरीब परिवार को बेटियों की शादी पर शगुन की राशि पहुंचती है।

बेटियों के लिए बेहतर समाज का निर्माण

हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में एक बेहतर समाज के निर्माण सतत रूप से प्रयत्नशील रहे  मनोहर लाल ने महिलाओं व बेटियों को लेकर कई ऐसे अभियान और योजनाओं की शुरुआत की है जिससे बेटियों के प्रति समाज की नकारात्मक सोच में बदलाव आया। समाज से यह भाव खत्म हुआ कि बेटियां किसी परिवार पर बोझ हैं। इसी सोच के साथ विवाह शगुन योजना की शुरुआत की गई। इस योजना के जरिये गरीब परिवार को बेटियों की शादी पर आर्थिक मदद पहुंचाई जाती रही।

ऐसा नहीं है कि​ सिर्फ यही योजना बल्कि बेटियों के प्रति मनोहर लाल की सोच किसी से छिपी नहीं है। मनोहर लाल अपने कार्यकाल में कई ऐसे कदम उठाए जिससे बेटियों कि जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। जिन बेटियों को पहले परिवार का बोझ मानकर कोख में ही मार दिया जाता था वही हरियाणा प्रदेश की बेटियां मनोहर लाल द्वारा शुरू की गई योजनाओं और उनके द्वारा बनाई गई नीतियों की वजह से देश और दुनिया में नाम रौशन कर रही है। बड़ी बात ये है कि  मनोहर लाल पूरे प्रदेश को अपना परिवार मानते है, ऐसे में किसी गरीब परिवार को बेटी की शादी में पैसों की तंगी से जूझना नहीं पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए साल 2015 में विवाह शगुन योजना की शुरुआत की गई थी।

मनोहर लाल बेटियों को परिवार का शान मानते है लेकिन जब वे हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो उस वक्त की कड़वी हकीकत ये भी थी कि पहले हरियाणा को बेटियों को मारने वाला प्रदेश माना जाता था। लेकिन साल 2014 में बीजेपी सरकार बनने के बाद बेटियों के बचाने के लिए। सरकार ने अभियान चलाकर समाज में जागरूकता फैलाई गई। साथ ही कोख में बेटियों को मारने वालों पर लगातार कड़ी कार्रवाई की जाती रही जिससे लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ। बेटियों को बचाने के लिए सेल्फी वीद डॉटर, बेटी बचाओं- बेटी पढाओं जैसे अभियान की शुरूआत की गई और इसका परिणाम ये हुआ कि अब परिवार में बेटियों को भी बेटों की तरह प्यार मिल रहा है। भले ही पार्टी ने उन्हें अब दूसरा दायित्व दिया है लेकिन प्रदेश के लोग मनोहर लाल इस नेक काम के लिए समाज के हर वर्ग की सराहना करते नहीं थकते है।

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 बेटी कल्याण के लिए समर्पित दिखे मोदी मनोहर

बेटियां गरीब परिवार पर बोझ न हो इसे लेकर आपकी बेटी हमारी बेटी योजना पहले से चली आ रही है जिसमें बेटियों के जन्म पर 21 हजार रुपये का बीमा किया जाता है और ये पैसा बेटियों के शादी के समय निकलता है। इसी तरह प्रधानमंत्री मोदी ने सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत की गई है। जिसके तहत जीरो बैलेंस पर अकाउंट खोले जा रहें है,  जिसके कई तरह के लाभ है।  बेटियों की शिक्षा में कोई बाधा न आए इसे लेकर 72 नये कॉलेज में 41 कॉलेज लड़कियों के लिए बनाई गईं आईटीआई में जाने वाली बेटियों को वजीफा दिये जाने का प्रबंध हुआ।

सरकारी और प्राइवेट कॉलेज में पढ़ने वाली सभी बेटियों की फीस माफ किया गया। 150 किलोमीटर की यात्रा में बेटियों को कोई पैसा नहीं लगता है। बेटियों की स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाता रहा। बीपीएल परिवार की महिलाओं को मुफ्त में सेनेटरी पैड देने की व्यवस्था की गई। इन्हीं योजनाओं की बदौलत मनोहर लाल का दावा रहा कि उन्होंने बेटियों के उत्थान के लिए साढ़े नौ साल में कई कदम उठाए है। जाहिर है अपने पूर्ववर्ती मनोहर लाल की तरह ही नये मुख्यमंत्री भी इन योजनाओं को जारी रखेंगे और ​बेटियों के कल्याण की दिशा में हरियाणा का परचम बुलंद रहेगा।

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