Haryana CM Manohar Lal: हरियाणा की मनोहर लाल सरकार के 9 साल पूरे हो गए। सीएम ने इस दौरान मीडिया को संबोधित किया और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। इसके साथ-साथ कई नई योजनाओं की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि 5 दिसंबर को हमने सुशासन दिवस के तौर पर मनाने की शुरूआत की थी। हमने कहा था हम 5 “S” के नाते से काम करेंगे।
सीएम ने आगे बताया कि साल 2014 में हमने व्यवस्था संभाली थी उस समय भेदभाव का माहौल था। पहले जनता को लूटा जाता था और कूटा जाता था। उन्होंने कहा कि हमारे सामने बहुत सी चुनौतियां थी जिसका हमने समाधान किया। साल 2014 की अपेक्षा 2019 में हमारे 3 प्रतिशत वोट बढ़े है। विपक्ष में एक छटपटाहट थी कि हमें सत्ता में ना आने दिया जाए। जिसके चलते हमारी 7 सीटें कम हुई।
56 विभागों की 675 सेवाएं ऑनलाइन की गई
सरकार की उलब्धियां गिनाते हुए कहा कि हमने हरियाणा एक हरियाणवी एक के तहत काम किया। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए बहुत से काम किए 56 विभागों की 675 सेवाएं ऑनलाइन की गई। सीएम ने कहा डीबीटी की हमने योजना बनाई ताकि बिचौलिए कोई फायदा ना उठा सके। किसानों को 80 हजार करोड़ उनके खातों में पहुंचाएं।
71 लाख परिवारों का डेटा अपडेट किया
इसके अलावा परिवार पहचान पत्र के मध्याम से आयु से लेकर आय तक सब कुछ निकलकर सामने आता है। 71 लाख परिवारों के 2.83 करोड़ सदस्यों का डेटा अपडेट हुआ। पीपीपी से 397 सेवाओं और योजनाओं को जोड़ा गया और इसके अलावा 45 लाख परिवारों ने लाभ उठाया है। 1.40 लाख वृद्धजनों तथा 14 हजार दिव्यांगजनों को घर बैठे पेंशन दी गई।
50 हजार लोगों को लोन दिया
साथ ही ऑटोमेटिक 39 लाख बीपीएल राशन कार्ड तथा 57 लाख आयुष्मान भारत चिरायु कार्ड दिए गए। 50 हजार लोगों को लोन दिया जा चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 43 हजार 201 लोगों को अपना घर मिला है। इसके अलावा 16 हजार मकान निर्माणाधीन है, 926 करोड़ की अनुदान राशि लाभार्थियों को वितरित की गई।
प्रदेश में आपकी बेटी हमारी बेटी योजना के तहत 4.47 लाख लड़कियों के जन्म पर 21,000 रुपए प्रति बेटी दिए गए। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 79,007 रेहड़ी-फड़ी वालों को 10 हजार रुपए तक का ब्याज दिया गया है। 27 लाख परिवारों को मुफ्त राशन प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत दिया गया। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 9.54 लाख मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन दिए गए। आयुष्मान भारत- चिरायु योजना के तहत 86 लाख आयुष्मान चिरायु कार्ड बनाए गए। 8.50 लाख मरीजों के इलाज के लिए 1088 करोड़ रुपए का क्लेम दिया है।