शिमला: हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में प्रकृति का कहर जारी है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। इस दौरान सोमवार को शिमला (Shimla) में हुए भूस्खलन की घटना में अब तक 77 लोगों की मौत हो चुकी है। चार अन्य लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है जिसकी रेस्क्यू के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें लगी हुई है। बता दें कि राज्य में आपदा की घोषणा कर दी गई है।
बता दें कि राज्य में मॉनसून का कहर अभी भी जारी रहेगा। शिमला में हुए भूस्खलन में मारे गए लोगों का रेस्क्यू अभी जारी है कि इस बीच मौसम विभाग ने और बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। जानकारी के मुताबिक, शिमला के समर हिल में शिव मंदिर के मलबे से एक और शव को बरामद किया गया है। जिले के एसपी संजीव कुमार गांधी के मुताबिक मलबे में अभी भी लगभग चार लोगों के दबे होने की आशंका है।
वहीं इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि बचाव अभियान पूरे जोरों पर चल रहा है। राज्य सरकार अपने संसाधनों से प्रभावित परिवारोंकी मदद करने की पूरी कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि इस साल प्रकृति के प्रकोप से राज्य में अब तक 220 लोगों ने अपनी जा गंवा दी है। कई लोग लापता हो गए जिनका अभी तक पता नहीं चल पाया है।
लोगों की जान जाने के अलावा फ्लैश फ्लड और लैंड स्लाइड के चलते 11,637 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। 408 ट्रांसफार्मर और 149 पानी सप्लाई योजनाएं प्रभावित हुए हैं। हालांकि अभी भी मॉनसून का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 21 और 22 अगस्त को राज्य के 10 जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है।