संतोष कुमार सिंह
पटना: फिलहाल बिहार के पटना के बेऊर जेल में बंद मनीष कश्यप के रासुका मुक्त होने की राह खुल रही है। एक तरफ यूट्यूबर मनीष कश्यप को लेकर तमिलनाडु में जो मामले चल रहे थे उसमें बेल दे दिया गया है वहीं उसे लेकर बिहार में जो मामले चल रहे हैं उसकी सुनवाई करते हुए अदालत ने उन्हें तमिलनाडु न भेजकर बिहार के बेउर जेल में शिफ्ट कर दिया है।
पिछले दिनों बेतिया कोर्ट में मारपीट और रंगदारी मांगने के दो मामलों में बेतिया लाया गया। अगले दिन पटना सिविल कोर्ट में भी आर्थिक अपराधिकारी में दायर के दो केस में पेशी हुई। उसके बाद कोर्ट ने आदेश दिया कि मनीष कश्यप को बिहार के जेल में ही रखा जाए क्योंकि तमिलनाडु में सभी मामलों में उसे बेल मिल चुकी है। कोर्ट को आवश्यकता पड़ेगी तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सहायता से पेशी कराई जाएगी। इस फैसले से कश्यप को बड़ी राहत मिली और मनीष कश्यप के समर्थक भी रिहाई को लेकर आशान्वित हैं।
इस बीच यह संकेत भी मिल रहे हैं कि मनीष कश्यप पर लगे रासुका के आरोप से मुक्ति मिल सकती है ओर इस बाबत चर्चा शुरू हो गई है। इतना ही नहीं मदुरै कोर्ट ने इस मामले में जवाब तलब किया है। कोर्ट की ओर से मदुरै के जिला कलेक्टर के साथ-साथद केंद्र और राज्य सरकार के गृह सचिवों से इस मामले में जवाब मांगा गया है।गौरतलब है कि मनीष कश्यप के परिजनों और मित्रों की ओर से लगातार इसकी मांग की जा रही थी। इतना ही नहीं मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार के भाई त्रिभुवन तिवारी ने इस आशय की याचिका मदुरै कोर्ट में दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जवाब तलब किया है। फिलहाल मामले की सुनवाई 8 सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गई है।
तमिलनाडु के विभिन्न जिलों में बिहारी मजदूरों पर कथित रूप से मारपीट और हिंसा से संबंधित फेक वीडियो बनाने और वायरल करने का आरोप मनीष कश्यप पर लगा है। इसे लेकर मदुरै पुलिस प्रशासन की ओर से यूट्यूबर पर रासुका लगाया गया था। इस मामले में मनीष के परिजन शुरू से ही रासुका हटाने की मांग कर रहे हैं। मनीष कश्यप के छोटे भाई त्रिभुवन तिवारी की ओर से याचिका दायर कर कोर्ट से गुहार लगाई गई थी। कहा गया कि मनीष कश्यप का अपराध रासुका कानून के लायक नहीं है। उसके द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करने के बाद कोर्ट ने या फैसला दिया है।
इस मामले पर सुनवाई करते हुए फिलहाल मदुरै के जिला कलेक्टर के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार के होम सेक्रेटरी से जवाब मांगा गया है। कोर्ट के फैसले के अनुसार अगले 8 सप्ताह तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं होगी।कोर्ट ने कहा है कि इसी बीच होम सेक्रेटरी और कलेक्टर अपना जवाब दाखिल कर दें क्योंकि उनका जवाब आने तक सुनवाई स्थगित रहेगी।
उम्मीद की जा रही है कि इसी बीच तीनों पदाधिकारियों का जवाब दाखिल कर देंगे। उसके बाद इस मामले की सुनवाई होगी और यह तय होगा मनीष कश्यप पर लगा एनएसएहट जाएगा या बरकरार रहेगा।