Jharkhand News: नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में दो जवान शहीद, एक अभी तीन दिन पहले ही बने थे पिता

रांची: आज 15 अगस्त यानी आजादी का दिन है। पूरा देश तिरंगे के रंग में रंगा हुआ है। हर जगह खुशियों का माहौल है। इस बीच झारखंड से एक बुरी खबर सामने आई है। राज्य के पश्चिम सिंहभूम जिले में माओवादियों के साथ मुठभेड़ में दो जवानों ने अपनी कुर्बानी दे दी। बताया जा रहा है कि शहीद होने वाले दो जवानों में एक अभी तीन दिन पहले ही पिता बने थे, लेकिन अपने बच्चे का चेहरा भी नहीं देख सके और मुठभेड़ में शहीद हो गए। वहीं इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

दरअसल, यह घटना सोमवार देर रात टोंटो इलाके में हुई जहां घात लगाए बैठे माओवादियों ने हमला कर दिया। इस हमले में झारखंड जगुआर फोर्स के 2 जवान शहीद हो गए। शहीद होने वाले दो जवानों की पहचान सब इंस्पेक्टर अमित तिवारी और हवलदार गौतम कुमार के रूप में हुई है।जानकारी के मुताबिक, सोमवार की शाम तुम्बाहाका और सरजमुबुरु मार्ग पर सुरक्षाबलों के जवान रास्ते पर पेट्रोलिंग कर रहे थे। इसी दौरान नक्सलियों ने घात लगा कर फायरिंग कर दी। फायरिंग के बाद जवानों ने भी फायरिंग की, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाते हुए नक्सली भागने में कामयाब हो गए।

वहीं जब मुठभेड़ थमने के बाद जवानों की खोजबीन शुरु हुई तो पता चला कि सीआरपीएफ के तीन और झारखंड जगुआर के दो जवान कम है जिनकी खोजबीन शुरु की गई। हालांकि इस दौरान सीआरपीएफ के तीनों जवान लौट आये, लेकिन झारखंड जगुआर के जवानों सब इंस्पेक्टर अमित तिवारी और हवलदार गौतम कुमार का देर रात शव बरामद किया गया। जवानों के घर में इस बात की जानकारी मिलते ही कोहराम मच गया।

बता दें कि अमित तिवारी अभी हाल ही में पिता बने था। परिवार के लोग उनके लौटने का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने अपने नवजात बच्चे की तस्वीर मोबाइल में ही देखी थी उनसे मिल नहीं सके थे। अभियान खत्म कर घर लौटने वाले ही थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि जिस दिन पूरा देश आजादी का जश्न मनाएगा उसी दिन इतनी बुरी खबर सामने आएगी। बता दें कि पलामू जिले के रहने वाले अमित तिवारी खूंटी जिले के तोरपा थाना में थाना प्रभारी के रूप में भी अपना योगदान दे चुके हैं।

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