नूंह: हरियाणा में नूंह हिंसा के बाद अब मनोहर सरकार सख्ती से आरोपियों पर एक्शन ले रही है। इस पर ऑल इंडिया मजिलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को नूंह जिले में विध्वंस अभियान के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार पर निशाना साधा है। साथ ही ये आरोप भी लगाया कि गरीब मुसलमानों को असली अपराधियों के रूप में भी एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। औवेसी ने कहा कि सिर्फ आरोपों के आधार पर सैकड़ों गरीब परिवारों को बेघर कर दिया गया है।
दरअसल, हिंसा के बाद नूंह में अधिकारियों ने रविवार को एक होटल को ध्वस्त कर दिया, जिसका इस्तेमाल उपद्रवियों ने हाल की हिंसा के दौरान पथराव करने के लिए किया था। शनिवार कोजिला प्रशासन ने नलहर रोड क्षेत्र में 45 से अधिक दुकानों को ध्वस्त कर दिया, जिनके बारे में उनका कहना था कि ये अवैध रूप से बनाई गई थीं। सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट अश्विनी कुमार ने कहा कि कार्रवाई मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के निर्देश पर की गई।उन्होंने दावा किया कि कुछ दुकानें सांप्रदायिक हिंसा में शामिल लोगों की थीं।
वहीं इस कार्रवाई को लेकर एआईएमआईएम सांसद ने ट्वीट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोई भी बुलडोजर कार्रवाई करने से पहले सरकार को उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा। भवन मालिक को अपनी बात रखने का मौका दिए बिना कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती, लेकिन नूंह में सिर्फ आरोप के आधार पर सैकड़ों गरीब परिवारों को बेघर कर दिया गया। जो कि न तो कानूनी रूप से सही है और न ही मानवता की मांग के अनुरूप उचित है।