भीलवाड़ा: राजस्थान केभीलवाड़ा में 14 वर्षीय किशोरी के साथ हुई दरिंदगी ने लोगों का दिल झकझोंर कर रख दिया है। गैंगरेप करने के साथ उसे जिंदा भट्टी में झोंकने के मामले में अब पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं घटना को लेकर प्रदेश में आक्रोशित लोगों ने धरना प्रदर्शन कर पीड़ित परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की है। इसके साथ ही आरोपियों को फांसी देने की भी मांग की। इसी बीच प्रदेश में भाजपा की एक महिला नेता भी इस घटना का जिक्र करते-करते रोने लगी।
दरअसल, प्रदेश में लगातार हो रहे महिलाओं पर अत्याचार मामलों को लेकर भारतीय जनता पार्टी लंबे समय से कांग्रेस पार्टी के खिलाफ आक्रोश जता रही है। इसी बीच भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल नेता अलका गुर्जर राजधानी जयपुर में मीडिया के सामने इस घटना का जिक्र करते-करते रोने लगी। उन्होंने कहा कि लड़की के साथ रेप कर उसे जिंदा जला दिया गया, यह सुनकर इतनी तकलीफ होती है कि बार-बार रोना आ जाता है।
मुख्यमंत्री खामोश क्यों हैं?
राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर का कहना है कि राजस्थान में महिलाओं और लड़कियों के साथ अत्याचार के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं लेकिन कानून व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हो रहा है। भीलवाड़ा में इतना बड़ा कांड हो गया लेकिन मुख्यमंत्री इसकी सुध लेना तो दूर कोई बयान तक नहीं दिया है। वह खामोश क्यों हैं।
ये पूरा मामला
बता दें कि भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी इलाके में स्थित नरसिंह पुरा गांव में बीते बुधवार को दो दरिंदों ने एक 14 वर्षीय किशोरी के साथ गैंगरेप कर उसे कोयले की भट्टी में जिंदा जला दिया था। परिजनों के बयान के मुताबिक, बच्ची 2 अगस्त को दोपहर में अपने मवेशियों को लेकर चराने के लिए गांव से बाहर जंगल में गई थी, और उधर से ही लापता हो गई। पुलिस को सूचित करने के बाद छानबीन में अगले दिन बच्चे कोयले की भट्टी में जलती मिली। हालांकि उसके शरीर के कुछ हिस्सों की सिर्फ हड्डियां ही बची थी।
वहीं आरोपियों को दबोचने के बाद इस बात की जानकारी मिली कि आरोपियों ने बच्ची के शरीर का अधजला कुछ हिस्सा तालाब में ले जाकर फेंक दी। इस मामले में एक और अहम बात की जानकारी हाथ लगी है कि दोनों आरोपियों की पत्नियां भी इस घटना में अपने पति का साथ दी। जानकारी के मुताबिक, बच्ची को ठिकानें लगाने के लिए आरोपियों की पत्नियों ने ही भट्टी का दरवाजा खोला था।
जानकारी ये भी सामने आई है कि आरोपी करीब दो महीने से बच्ची के साथ हैवानियत करने के फिराक में थे, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिल रहा था। उनका पीड़ित परिवार के घर आना-जाना भी था, लेकिन इस बात का किसी को अंदेशा नहीं था कि ये दरिंदे उनकी बच्ची को नोचने के फिराक में हैं। वहीं जब मवेशी चराने के दौरान बच्ची को अकेले पाया तभी उसे अपना शिकार बना लिया। बता दें कि पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और पीड़ित परिवार को ये आश्वासन दिया है कि आरोपियों को किसी भी हाल में बख्सा नहीं जाएगा।