Haryana Cabinet Meeting: 25 अगस्त से शुरू होगा मानसून सत्र, बैठक में गूंजा नूंह हिंसा का मुद्दा

Haryana Cabinet Meeting:सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में हरियाणा कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में विधानसभा सत्र 25 अगस्त से शुरू करने का फैसला लिया गया। इसके अलावा नूंह हिंसा समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। सरकार ने 10 अगस्त के बाद शुरू होने वाली शिक्षकों की ट्रांसफर पॉलिसी पर अंतिम मुहर लगा दी है।

शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी में बदलाव

अध्यापकों की नई ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर बड़े बदलाव किए हैं, उन बदलाव के तहत अब अध्यापकों को परीक्षा परिणाम में दिए जाने वाले नंबरों को लाभ नहीं दिया जाएगा। यह लाभ अब स्कूल के प्रिंसिपल और हेड मास्टर को ही दिया जाएगा। इससे पहले ट्रांसफर पॉलिसी में अंकों के बंटवारे में शिक्षक को तबादलों के लिए मिलने वाले अंकों में कुल 5नंबर दिए जाते थे। यह नंबर मेरिट क्राइटेरिया और नजदीक के स्टेशन दिलवाने में काफी मददगार होते थे।

कई जिलों में दंगे की आग

वहीं, नूंह जिले से शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा की धीरे-धीरे कई जिलों तक पहुंच गई। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है। इसके अलावा कैबिनेट बैठक में राज्य से जुड़े कई अन्य दूसरें मुद्दों पर भी चर्चा की गई। विपक्ष लगातार सरकार को हिंसा पर घेरने की तैयारी कर रहा है।

बता दें कि नूंह हिंसा में अब तक करीब 200 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। सोशल मीडिया की गतिविधियों पर जांच के लिए 3 सदस्य कमेटी का गठन किया गया है। इस दौरान पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है।

पूछताछ में हुए बड़े खुलासे

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस हिंसा को प्लानिंग के तहत अंजाम दिया गया है जैसा कि पहले इस बात की आशंका जताई जा रही थी। पुलिस सूत्रों से पता चला है कि आरोपियों ने पूछताछ में ये बात कबूल की है कि नूंह में हुई हिंसा को साजिश के तहत अंजाम दिया गया था। इसके साथ इस घटना को अंजाम देने के बाद कहां छिपना है या कहां भागना है, आरोपियों ने पहले से ही इसका इंतजाम किया था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हिंसा में पकड़े गए आरोपियों का प्लान था कि वह भीड़ में शामिल होकर हथियारों से फायरिंग करेंगे और साम्प्रदायिक हिंसा भड़काएंगे, और उन्होंने ऐसा ही किया। पहले उपद्रवियों ने बृज मंडल यात्रा में शामिल होकर अवैध हथियारों से फायरिंग की। फिर यात्रा में लोगों पर ईंट-पत्थर, लाठी-डंडों से भी हमला किया गया। जब हिंसा भड़क गई और दूसरे लोग इसमें शामिल हो गए तो प्लान के तहत उन्होंने अपने हथियार और लाठी-डंडे छुपा दिए।

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