नूंह: हरियाणा के नूंह समेत अन्य जिलों में हुई हिंसा को लेकर पुलिस लगातार मामले की जांच कर रही है। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। वहीं सोशल मीडिया की गतिविधियों पर जांच के लिए 3 सदस्य कमेटी का गठन किया गया है। इस दौरान पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। मिली जानकारी के मुताबिक, इस हिंसा को प्लानिंग के तहत अंजाम दिया गया है जैसा कि पहले इस बात की आशंका जताई जा रही थी।
पुलिस सूत्रों से पता चला है कि आरोपियों ने पूछताछ में ये बात कबूल की है कि नूंह में हुई हिंसा को साजिश के तहत अंजाम दिया गया था। इसके साथ इस घटना को अंजाम देने के बाद कहां छूपना है या कहां भागना है, आरोपियों ने पहले से ही इसका इंतजाम किया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हिंसा में पकड़े गए आरोपियों का प्लान था कि वह भीड़ में शामिल होकर हथियारों से फायरिंग करेंगे और साम्प्रदायिक हिंसा भड़काएंगे, और उन्होंने ऐसा ही किया।
पहले उपद्रवियों ने ब्रजमंडल यात्रा में शामिल होकर अवैध हथियारों से फायरिंग की। फिर यात्रा में लोगों पर ईंट-पत्थर, लाठी-डंडों से भी हमला किया गया। जब हिंसा भड़क गई और दूसरे लोग इसमें शामिल हो गए तो प्लान के तहत उन्होंने अपने हथियार और लाठी-डंडे छुपा दिए। इसके बाद कुछ आरोपी मेवात की पहाड़ियों में जाकर छुप गए। इसके अलावा कुछ राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भाग गए।
बता दें कि इस खुलासे के बाद पुलिस अब आरोपियों द्वारा बताए गए स्थानों के अलावा अगल-अलग जगहों पर हिंसा में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। कुछ आरोपी राजस्थान के भरतपुर, उदयपुर, जयपुर और उत्तर प्रदेश (UP) के मेरठ, आगरा और अलीगढ़ में भी जाकर छुप गए हैं जिनकी तलाश जारी है। अब तक इस मामले में हिंसा के 176 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके साथ ही नूंह के अलावा गुरुग्राम, पलवल, फरीदाबाद और रेवाड़ी समेत 5 जिलों में 55 FIR दर्ज की जा चुकी है।