पटना: बिहार के शिक्षा विभाग ने कार्यालय में कर्मचारियों के कैजुअल पहनावे पर आपत्ति जताई है। इसके साथ ही विभाग के निदेशक ने कार्यालय में कर्मचारियों के टी-शर्ट और जींस पर पाबंदी लगाते हुए फॉर्मल कपड़े पहनकर कार्यालय में आने का आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि विभाग के कर्मचारी निर्धारित ड्रेस कोड का पालन नहीं कर रहे हैं और उचित पोशाक नहीं पहन रहे हैं। जो चलन कार्यस्थलों की संस्कृति के खिलाफ है।
दरअसल, शिक्षा विभाग प्रशासन के निदेशक सुबोध कुमार चौधरी द्वारा यह आदेश जारी किया गया है। जिसमें कार्यालय में कर्मचारियों और पदाधिकारियों के जींस और टी-शर्ट पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सुबोध कुमार द्वारा फॉर्मल कपड़े पहनने का आदेश जारी करते हुए कहा गया है कि सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया जाता है कि वे नियमों के अनुसार कपड़े पहनें। उन्हें किसी भी स्थिति में जींस और टी-शर्ट नहीं पहनना चाहिए।
इसके साथ ये भी कहा है कि, यह देखा गया है कि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी ऐसी पोशाक पहनकर कार्यालय आ रहे हैं, जो कार्यालय संस्कृति के खिलाफ है। कार्यालय में अधिकारियों या अन्य कर्मचारियों का कैजुअल कपड़े पहनना कार्यालय की कामकाज की संस्कृति के विरुद्ध है। इसलिए सभी अधिकारी व कर्मचारी शिक्षा विभाग के कार्यालयों में फॉर्मल कपड़े पहनकर आएं। शिक्षा विभाग के कार्यालयों में तत्काल प्रभाव से किसी भी कैजुअल पोशाक खासकर जींस व टी-शर्ट पहनने की अनुमति नहीं होगी।
गौरतलब है कि साल 2019 में ही बिहार सरकार ने राज्य सचिवालय में कर्मचारियों के जींस व टी-शर्ट (कैजुअल) पोशाक पर प्रतिबंध लगा दिया था। जिसका उद्देश्य ये कार्यालय की संस्कृति को बनाए रखना है। सरकार ने राज्य सचिवालय के कर्मचारियों को कार्यालय में सादे, सुविधाजनक और हल्के रंग के कपड़े पहनने के लिए कहा है।