KEDARNATH YATRA: पशु क्रूरता निरोधक अधिनियम की उड़ाई जा रही हैं धज्जियां, 16 दिन में 16 घोड़े-खच्चरों की हुई मौत

-श्रुति मेहरोत्रा

केदारनाथ: केदार धाम यात्रा शुरू हुए 16 दिन बीत चुके हैं। अगर आज हम सरकारी आंकड़ों के अनुसार देखें तो अब तक 21 खच्चरों की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। जो कि अगर पशु अधिकार नियम के अनुसार देखा जाए तो बेहद चौंकाने वाला है।

पशुपालन विभाग ने लिया यह एक्शन

प्रशासन और पशुपालन विभाग ने इस बार यात्रा के दौरान पशुओं के लिए खासा इंतजाम किया गया है। वहीं 100 घोड़ा व खच्चर संचालकों का चालान किया गया है, जबकि तीन के खिलाफ पशु क्रूरता निरोधक अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गयी है।

घोड़ों और खच्चरों की मौत का कारण

केदारनाथ यात्रा के पहले रुद्रप्रयाग जिले में घोड़ा-खच्चर के लिए संचालकों को ही अनुमति दी गई थी, लेकिन विरोध के बाद अब चमोली और टिहरी जिले के संचालकों को भी घोड़ा-खच्चर से तीर्थस्थल पर जाने की अनुमति मिल गई है जिस कारण से जानवरों कि यह दशा होती जा रही है। 25 अप्रैल से अब तक 16 घोड़ा-खच्चरों की इतना चलने के कारण मौत हो चुकी है।

घोड़ों और खच्चरों के लिए की व्यवस्था

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि इस बार सीमित संख्या में घोड़ों और खच्चरों का संचालन किया जा रहा है। घोड़ों और खच्चरों की आवाजाही रोटेशन के हिसाब से की जा रही है। फुटपाथ पर घोड़ों और खच्चरों के लिए गर्म पानी के अलावा पशु चिकित्सकों की तैनाती की गई है।

सरकार ने क्या समाधान निकाला

इस बार घोड़ों और खच्चरों की निगरानी के लिए 30 सदस्यीय खच्चर टास्क फोर्स, सात पशु चिकित्सक और सात पैरावेट (सहायक) तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 18 जगहों पर घोड़ों और खच्चरों के लिए गर्म पानी की व्यवस्था की गई है। अब तक 8,320 घोड़ा-खच्चरों का इलाज किया जा चुका है, जबकि 441 घोड़ा-खच्चर घायल पाए गए हैं, जिन्हें वापस भेज दिया गया है।

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