CM Saini speech in Assembly: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य विधानसभा में जानकारी दी कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले में लगभग 556 करोड़ रुपये की पूरी बकाया राशि 24 घंटे के भीतर वसूल कर ली गई है। मुख्यमंत्री ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि करीब 22 करोड़ रुपये ब्याज सहित कुल 556 करोड़ रुपये सरकार के खातों में वापस जमा करा दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार के किसी भी विभाग का पैसा अब बकाया नहीं है और पूरी राशि सुरक्षित रूप से खातों में लौट आई है।
क्या है मामला?
रविवार को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने खुलासा किया था कि उसके कुछ कर्मचारियों और अन्य लोगों की मिलीभगत से हरियाणा सरकार के बैंक खातों में जमा लगभग 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। बैंक के अनुसार, इस घटना में मुख्य रूप से चंडीगढ़ स्थित उसकी एक विशेष शाखा शामिल थी। मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि इस पूरे मामले में बैंक के मध्यम और निचले स्तर के चार से पांच कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई है।
सख्त कार्रवाई का आश्वासन
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि इस प्रकरण में शामिल किसी भी व्यक्ति चाहे वह बैंक कर्मचारी हो, निजी व्यक्ति हो या सरकारी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य का भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) इस मामले की गहन जांच करेगा। जांच के लिए वित्त सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो पूरे प्रकरण की विस्तृत समीक्षा करेगी।
मुख्यमंत्री ने साधा कांग्रेस पर निशाना
हरियाणा विधानसभा में इस धोखाधड़ी का मुद्दा विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा उठाया गया। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान घोटालों को दबाया जाता था, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपना रही है।