रांची: झारखंड के चतरा जिले में सिमरिया के पास एक एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया गया है और हादसे की जांच जारी है।
कैसे हुआ हादसा
रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट सी90 विमान रांची से दिल्ली जा रहा था। सोमवार शाम करीब सात बजकर 11 मिनट पर रांची हवाई अड्डे से उड़ान भरने के बाद लगभग 20 मिनट में विमान का वायु यातायात नियंत्रण से संपर्क टूट गया। करीब साढ़े सात बजे विमान लापता हो गया। बाद में यह सिमरिया के बरियातु पंचायत क्षेत्र के जंगली इलाके में दुर्घटनाग्रस्त पाया गया। रांची हवाई अड्डे के निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि खराब मौसम दुर्घटना का संभावित कारण हो सकता है, हालांकि वास्तविक कारण विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
ऐसे हुई मृतकों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान कैप्टन विवेक विकास भगत, कैप्टन सवराजदीप सिंह, संजय कुमार, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, सचिन कुमार मिश्रा, अर्चना देवी और धुरु कुमार के रूप में हुई है। दुर्घटना में मारे गए डॉ. विकास कुमार गुप्ता के पिता ने बताया कि उन्होंने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए अपनी जमीन बेच दी थी। विकास की तैनाती रांची के सदर अस्पताल में थी और उनका सात साल का बेटा है। उन्होंने ओडिशा के कटक से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। संजय कुमार (41) के परिजनों ने राज्य के स्वास्थ्य ढांचे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि रांची में समुचित इलाज मिल जाता, तो उन्हें दिल्ली ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती। हादसे में उनकी पत्नी अर्चना देवी की भी मौत हो गई।
डीजीसीए और एएआईबी की टीम मौके पर
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बताया कि बीचक्राफ्ट सी90 विमान (वीटी-एजेवी) रांची-दिल्ली मार्ग पर मरीज को लेकर जा रहा था, तभी चतरा जिले की कसरिया पंचायत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान ने शाम 7:11 बजे उड़ान भरी थी और 7:34 बजे कोलकाता से संपर्क के बाद उसका संचार और रडार संपर्क टूट गया। विमान में दो पायलट सहित कुल सात लोग सवार थे और सभी की मौके पर ही मौत हो गई।। वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) की एक टीम को जांच के लिए घटनास्थल पर भेजा गया है।
मरीज को बेहतर इलाज के लिए ले जाया जा रहा था
रांची के देवकमल अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनंत सिन्हा ने बताया कि लातेहार जिले के चंदवा निवासी संजय कुमार को 16 फरवरी को 65 प्रतिशत झुलसने की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया था और सोमवार को एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई थी। हादसे के बाद चतरा जिले में शोक का माहौल है और मृतकों के परिजन सदमे में हैं। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।