(हल्द्वानी): दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में 10 नवंबर को हुए घातक बम धमाके की जांच में एनआईए ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर के बनभूलपुरा इलाके से बिलाली मस्जिद के इमाम मोहम्मद आशिफ और उनके सहयोगी नज़र कमाल को गिरफ्तार किया। दोनों को शुक्रवार आधी रात के बाद दबिश देकर पकड़ा गया और तुरंत दिल्ली ले जाया गया। अधिकारियों ने शनिवार को इसकी पुष्टि की।
मुख्य आरोपी की कॉल डिटेल से मिला हल्द्वानी का सुराग
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस को धमाके के मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी की कॉल डिटेल में हल्द्वानी का एक संदिग्ध नंबर मिला था। इसी आधार पर एनआईए ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दिल्ली और उत्तराखंड पुलिस की संयुक्त टीम के साथ बनभूलपुरा में छापेमारी की। इमाम मोहम्मद आशिफ बिलाली मस्जिद से जुड़े हैं, जबकि नज़र कमाल बिजली का काम करता है। दोनों से दिल्ली में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
बनभूलपुरा में भारी पुलिस बल, सुरक्षा कड़ी
गिरफ्तारी के तुरंत बाद हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में पुलिस की गतिविधियां अचानक बढ़ गईं। शहर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार कत्याल और पुलिस उपाधीक्षक दीपशिखा अग्रवाल के नेतृत्व में लालकुआं, कालाढूंगी, मुखानी, काठगोदाम और हल्द्वानी थानों से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। बिलाली मस्जिद और इमाम के घर के आसपास कड़ी सुरक्षा के कारण इलाके में दहशत और हलचल दोनों देखी गईं। एसपी कत्याल ने बताया कि यह कदम एहतियातन लिया गया है, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।
नैनीताल में भी पूछताछ, जांच का दायरा बढ़ा
अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की कि एनआईए और उत्तराखंड पुलिस की एक संयुक्त टीम नैनीताल की एक मस्जिद में भी पूछताछ के लिए पहुंची है। जांच एजेंसी धमाके से जुड़े संभावित नेटवर्क, संपर्क और गतिविधियों की विस्तार से छानबीन कर रही है।
धमाके में 15 लोगों की मौत, देशभर में जांच तेज़
10 नवंबर को लाल किला के पास खड़ी एक कार में हुए धमाके में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। इस घटना को आतंकी साजिश के तौर पर देखा जा रहा है, और इसी कारण देश के कई राज्यों में एनआईए लगातार छापेमारी कर रही है।