कुरुक्षेत्र: अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के तहत ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में आज विराट संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री और देश के कोने-कोने से आए गणमान्य संतों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में मुख्य रूप से स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज, संत अवधेशानंद जी महाराज, संत सुधांशु जी महाराज, महामंडलेश्वर सहित कई दर्जनों संत मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री ने पंजाब में धर्म परिवर्तन पर जताई चिंता
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने पंजाब में बड़े पैमाने पर हो रहे धर्म परिवर्तन के मामलों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर विषय है, जिसे लेकर समाज में व्यापक चिंता व्याप्त है। मंत्री ने कहा कि धर्म परिवर्तन समाज के हित में कभी नहीं रहा और आगे भी नहीं रह सकता। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील की कि इस दिशा में आगे बढ़कर ऐसे मामलों पर ध्यान दें और रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
गीता जयंती महोत्सव का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप
पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गीता जयंती महोत्सव का स्वरूप धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल रहा है। पहले यह केवल कुरुक्षेत्र में आयोजित होता था, लेकिन अब पूरे भारत और विदेशों में भी इसका आयोजन हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस महोत्सव में भाग ले चुके हैं।
मनोहर लाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले लगभग 10 वर्षों से यह महोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दुनिया में यह एकमात्र ऐसा ग्रंथ है, जिसका जयंती महोत्सव के रूप में आयोजन होता है और इसका संदेश हर व्यक्ति और समाज के लिए आवश्यक है।
देश और विदेश में गीता महोत्सव
गीता महोत्सव पहले कुरुक्षेत्र में मनाया जाता था, फिर पूरे हरियाणा और देश के अन्य हिस्सों में इसका आयोजन शुरू हुआ। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। मंत्री ने बताया कि स्वामी ज्ञानानंद की देखरेख में यह महोत्सव मॉरीशस, कनाडा, यूके और श्रीलंका में आयोजित हो चुका है, और आने वाले दिनों में इंडोनेशिया में भी आयोजित किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कल ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने लगभग एक लाख लोगों ने मुक्त कंठ से गीता के श्लोकों का पाठ किया।
गीता का संदेश हर वर्ग के लिए अनिवार्य
मनोहर लाल ने कहा कि गीता का संदेश केवल व्यक्तिगत जीवन के लिए ही नहीं, बल्कि समूह और समाज के लिए भी अनिवार्य है। यह हर वर्ग और पेशे के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है, चाहे वह गृहस्थी हो, विद्यार्थी, अध्यापक, किसान या राजनीति में कार्यरत लोग हों। उन्होंने एक बार फिर पंजाब में धर्म परिवर्तन के मामलों पर चिंता जताई और कहा कि सरकार को इसमें आगे बढ़कर उचित कदम उठाने चाहिए। समाज और सरकारी मशीनरी दोनों को इस दिशा में सक्रिय होने की आवश्यकता है।