चंडीगढ़: पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) में सीनेट चुनावों की घोषणा की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच छात्रों द्वारा 26 नवंबर को ‘पूर्ण बंद’ के आह्वान के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बुधवार को अवकाश घोषित कर दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कैंपस में बुधवार को शिक्षण, गैर-शिक्षण तथा कार्यालय संबंधित सभी कार्य बंद रहेंगे।
परीक्षाएं भी स्थगित, परीक्षा केंद्र बदले
विश्वविद्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया है कि बुधवार को निर्धारित सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। इसके साथ ही सेक्टर-14 स्थित कैंपस के परीक्षा केंद्र-सीएचडी-40, सीएचडी-41, सीएचडी-43 और सीएचडी-44-को डीएवी कॉलेज, सेक्टर-10, चंडीगढ़ में स्थानांतरित किया गया था, लेकिन परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है।
नई तारीखों की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
पहले प्रशासन ने कहा था-बुधवार होगा सामान्य कार्य दिवस
इस निर्णय से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन ने 26 नवंबर को सामान्य कार्य दिवस बताते हुए सभी शिक्षकों से उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा था। कुलपति रेणु विग ने भी संकाय सदस्यों से अपील की थी कि वे छात्रों को समझाएं ताकि परीक्षाएं बाधित न हों। उन्होंने कहा था कि प्रदर्शनकारियों को विरोध दर्ज कराने का अधिकार है, लेकिन परीक्षा देने वाले छात्रों के अधिकारों का भी सम्मान किया जाना चाहिए।
क्यों बुलाया गया बंद?
‘पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले छात्र संगठन सीनेट चुनावों की तिथि घोषित करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बुधवार को पूर्ण बंद का आह्वान किया था तथा कैंपस के गेट नंबर 1 और 2 बंद करने की चेतावनी भी दी थी। त्र आंदोलन की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा पंजाब विश्वविद्यालय की सीनेट और सिंडिकेट के पुनर्गठन से संबंधित फैसले के विरोध से हुई थी। हालांकि 7 नवंबर को शिक्षा मंत्रालय ने दबाव के बाद यह अधिसूचना वापस ले ली, लेकिन विद्यार्थी आंदोलन समाप्त करने के पक्ष में नहीं थे। ब छात्रों की मुख्य मांग है कि एक वर्ष से अधिक समय से लंबित सीनेट चुनावों की तिथि तुरंत घोषित की जाए।
छात्रों को राजनीतिक समर्थन
छात्र प्रतिनिधियों ने कुछ दिन पहले कुलपति रेणु विग से मुलाकात कर चुनावों से संबंधित जानकारी मांगी थी। कुलपति ने बताया कि सीनेट चुनाव कार्यक्रम मंजूरी के लिए कुलाधिपति (उपराष्ट्रपति) को भेज दिया गया है। इस आंदोलन को कई राजनीतिक दलों का समर्थन भी प्राप्त है, जिससे इसकी तीव्रता और बढ़ गई है।