Himachal Rain and Landslides: (हिमाचल प्रदेश): मानसून ने हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर अपना प्रकोप जारी रखा है। प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मौसम विभाग ने कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, शिमला और सोलन में ऑरेंज अलर्ट है।
मौसम विभाग के अनुसार, 7 जुलाई को प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी रहेगा। साथ ही, 8 जुलाई तक प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना रहेगा, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
मानसून में तबाही, अब तक 69 लोगों की मौत
इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में बारिश और इसके कारण आई आपदाओं से 69 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 37 लोग अभी भी लापता हैं। लगातार बारिश और बाढ़ के कारण जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी है। बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कें बंद हो गई हैं और यातायात बाधित हुआ है। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है।
भारी बारिश से हुआ नुकसान
बारिश से प्रदेश में अब तक 280 से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। बिजली विभाग के अनुसार, 332 बिजली के ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए हैं, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। साथ ही, 784 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे कई क्षेत्रों में पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति बन गई है।
प्रशासन की सतर्कता और जनता से अपील
मौसम विभाग ने बार-बार भारी बारिश का अलर्ट जारी कर प्रदेशवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने भी जनता से अनावश्यक बाहर न निकलने, नदी-नालों से दूर रहने और सरकारी आदेशों का पालन करने का आग्रह किया है।
आपदा प्रबंधन विभाग लगातार प्रभावित इलाकों में राहत कार्य कर रहा है और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। मौसम वैज्ञानिकों की चेतावनी के अनुसार, मानसून की सक्रियता के चलते आने वाले दिनों में भी भारी बारिश का खतरा बना रहेगा। प्रदेशवासियों से आग्रह है कि वे सावधानी बरतें और आपदा से बचाव के उपाय अपनाएं।