Nasha Mukt Punjab Yatra: पंजाब में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नशे की चपेट में आए युवाओं के परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उन माताओं की पीड़ा सुनी, जिनके जवान बेटे नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं। नायब सैनी ने कहा कि पंजाब की माताओं की आंखों में जो दर्द उन्होंने देखा, उसे वह कभी नहीं भूलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मां की आंख में आंसू न आएं और हर घर का चिराग सुरक्षित रहे, इसी संकल्प के साथ वह नशा मुक्त पंजाब के लिए अपनी आवाज और प्रयास जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान माताओं की आंखों में अपने बच्चों को वापस पाने की उम्मीद और उनके दिल में दर्द साफ दिखाई दिया।
नशा पूरे परिवार की खुशियां छीनता है
सीएम नायब सैनी ने कहा कि नशा केवल एक जिंदगी को प्रभावित नहीं करता, बल्कि पूरे परिवार की खुशियां छीन लेता है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से प्रभावित परिवारों की पीड़ा को आवाज देना और युवा पीढ़ी को इससे बचाना सभी की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने प्रार्थना की कि हर मां का बेटा स्वस्थ होकर अपने घर लौटे और पंजाब की धरती दोबारा अपने युवाओं की सफलता और खुशहाली की गवाह बने।
युवाओं को शिक्षा और रोजगार से जोड़ने पर जोर
सीएम नायब सैनी ने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पंजाब के हर परिवार की है। युवाओं को नशे के अंधेरे से बाहर निकालकर शिक्षा, रोजगार, खेल और बेहतर भविष्य की ओर ले जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि समाज के सभी लोगों को मिलकर युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए प्रयास करना होगा। नायब सैनी ने कहा कि उनका संकल्प है कि पंजाब की माताओं को अपने बच्चों के भविष्य को लेकर दर्द न सहना पड़े।