New Delhi: देशभर में आज दशहरा (विजयादशमी) मनाया जा रहा है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। उत्तर भारत में रामलीला और रावण दहन की परंपरा विशेष रूप से प्रमुख है।
दिल्ली के पीतमपुरा स्थित नेताजी सुभाष प्लेस (NSP) मैदान में श्री केशव रामलीला कमेटी इस साल एक अनोखा आयोजन कर रही है। पारंपरिक रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों के साथ 30 फीट ऊंचा तिलचट्टा (कॉकरोच) का पुतला भी जलाया जाएगा।
कमेटी के अध्यक्ष और मॉडल टाउन विधायक अशोक गोयल देवरहा के अनुसार, यह पुतला गंदगी और अस्वच्छता का प्रतीक है। इसका उद्देश्य स्वच्छ भारत और स्वच्छ दिल्ली अभियान के तहत घर, आस-पड़ोस और समाज से गंदगी दूर करने का संदेश देना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी राजनीतिक मकसद से प्रेरित नहीं है। पहले भी कमेटी नक्सलवाद और आतंकवाद जैसे मुद्दों के प्रतीकात्मक पुतले जला चुकी है।
वीडियो में NSP मैदान से तैयारियां साफ दिख रही हैं, जहां विशाल तिलचट्टा पुतला पारंपरिक पुतलों के साथ खड़ा है।
दशहरा 2026 की मुख्य बातें:
- आज देश के अधिकांश हिस्सों में दशहरा मनाया जा रहा है (पश्चिम बंगाल में विजयादशमी 21 अक्टूबर को मनाई जाएगी)।
- दिल्ली में विजय मुहूर्त दोपहर 1:59 से 2:45 बजे तक है।
- रावण दहन परंपरा के अनुसार सूर्यास्त के बाद होता है (दिल्ली में सूर्यास्त करीब 5:47 बजे)।
यह अनोखा पुतला दशहरा की सदियों पुरानी परंपरा में स्वच्छता का संदेश जोड़ता है और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।