Vijayadashami 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजयादशमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में आयोजित विजय शोभायात्रा के दौरान भारत की एकता, सनातन परंपरा और सामाजिक समरसता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश है तो धर्म है और धर्म है तो हम सब हैं। कोई व्यक्ति, समाज या जाति तब तक सुरक्षित नहीं हो सकती, जब तक भारत सुरक्षित नहीं है। इसी तरह सनातन सुरक्षित नहीं है तो कोई भी सुरक्षित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की परंपरा सभी जातियों, संप्रदायों और धर्मों को सुरक्षा देने तथा बिना भेदभाव के समृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ाने की रही है। उन्होंने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में धार्मिक और वैचारिक मतभेदों के कारण होने वाले संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत सनातन परंपरा की छाया में सभी को सुरक्षा प्रदान कर रहा है। उन्होंने भारतीय ऋषि परंपरा के संदेश ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामया’ का भी उल्लेख किया।
भारत को कमजोर करने वालों पर साधा निशाना
सीएम योगी ने कहा कि जो लोग भारत को कमजोर करना चाहते हैं, वे अयोध्या में भव्य दीपोत्सव और राम मंदिर के निर्माण को स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग दुष्प्रचार और भ्रम फैलाकर अयोध्या को अपमानित करने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों ने अभी तक अयोध्या में रामलला के दर्शन तक नहीं किए, लेकिन आज वे भी राम-राम का नाम ले रहे हैं। उन्होंने रामभक्तों पर गोली चलवाने और उनके साथ अत्याचार किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों में सही और गलत को पहचानने की क्षमता होनी चाहिए। उन्होंने भगवान हनुमान का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को उनके समान विवेक रखते हुए सही और गलत के बीच अंतर समझना चाहिए।
रामलीलाएं सामाजिक समरसता का उदाहरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजयादशमी को सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का पर्व बताया। उन्होंने कहा कि देशभर में होने वाली रामलीलाएं समानता और सामाजिक समरसता का संदेश देती हैं। इनमें अलग-अलग पात्रों के माध्यम से भगवान श्रीराम की कथा का मंचन किया जाता है। रामलीलाओं में राम, लक्ष्मण, दशरथ, रावण, हनुमान, निषादराज और जटायु जैसे पात्रों के जरिए समाज को एकजुट रहने की प्रेरणा मिलती है।
सीएम योगी ने कहा कि जो लोग जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने तथा राष्ट्र को कमजोर करने का प्रयास करते हैं, वे रावण की विचारधारा से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि जब भारत कमजोर होता है, तब राम मंदिर, रामजन्मभूमि, कृष्णजन्मभूमि और काशी विश्वनाथ जैसे आस्था के केंद्र भी कमजोर होते हैं और उन्हें अपमानित करने के प्रयास किए जाते हैं। ऐसी परिस्थितियों में महिलाओं की गरिमा और अस्मिता पर भी असर पड़ता है।
भगवान श्रीराम के आदर्श आज भी प्रासंगिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम की मर्यादा, उनके वचन और उनके कर्म हजारों वर्षों बाद भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। विजयादशमी का पर्व पूरे भारत को जोड़ने का काम करता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने अत्याचार और अन्याय के खिलाफ संघर्ष का संदेश दिया, जिसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इतिहास में अनेक सभ्यताएं और संस्कृतियां नष्ट हो गईं, लेकिन भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या आज भी विद्यमान है। उनके आदर्श युगों से मानवता को मर्यादा, न्याय, सामाजिक समरसता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विजयादशमी के संदेश के माध्यम से भारत की एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत बनाए रखने का आह्वान किया।